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Rainy Season Health: बरसात में क्यों फैलती हैं सबसे ज्यादा बीमारियां? एक्सपर्ट्स से जानिए वजह और बचाव का तरीका
Tue, 21 Jul 2026 10:00 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Tue, 21 Jul 2026 10:00 AM IST
सार
Monsoon Health Tips: बारिश का मौसम ऐसा होता है, जिसमें अगर अपना ध्यान न रखा जाए तो बीमार पड़ना तय है। ऐसे में हम आपको ये समझने की जरूरत है कि इस मौसम में आखिर लोग बार-बार बीमार पड़ते ही क्यों हैं, ताकि वजह जानकर आप इसका ध्यान रख पाएं।
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मानसून में बार-बार बीमार क्यों पड़ते हैं लोग?
- फोटो : AI
Monsoon Health Tips: मानसून अपने साथ ठंडी हवाएं, हरियाली और राहत लेकर आता है, लेकिन यही मौसम कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। बारिश के दौरान लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि इस मौसम में शरीर से जुड़ी समस्याएं तेजी से फैलती हैं। इसके अलावा गीले कपड़े पहनना, दूषित पानी पीना, बाहर का अस्वच्छ भोजन खाना और साफ-सफाई में लापरवाही भी संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ा देती है।
मानसून में बार-बार बीमार क्यों पड़ते हैं लोग?
- फोटो : AI
1. बढ़ी हुई नमी
बारिश के मौसम में हवा में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है। यह वातावरण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के पनपने के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। नमी के कारण कपड़े, बिस्तर और घर के कोने लंबे समय तक गीले रहते हैं, जिससे फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, बंद कमरों में पर्याप्त वेंटिलेशन न होने से भी संक्रमण तेजी से फैल सकता है। इसी वजह से मानसून में वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और त्वचा संबंधी समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं।
बारिश के मौसम में हवा में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है। यह वातावरण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के पनपने के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। नमी के कारण कपड़े, बिस्तर और घर के कोने लंबे समय तक गीले रहते हैं, जिससे फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, बंद कमरों में पर्याप्त वेंटिलेशन न होने से भी संक्रमण तेजी से फैल सकता है। इसी वजह से मानसून में वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और त्वचा संबंधी समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं।
मानसून में बार-बार बीमार क्यों पड़ते हैं लोग?
- फोटो : AI
2. पानी का जमाव
बारिश के बाद सड़कों, गड्ढों, पार्कों, छतों, कूलर, गमलों और घरों के आसपास पानी जमा हो जाता है। यह जमा हुआ पानी मच्छरों के अंडे देने और उनके तेजी से बढ़ने के लिए आदर्श स्थान बन जाता है। खासतौर पर एडीज मच्छर डेंगू और चिकनगुनिया फैलाते हैं, जबकि एनोफिलीज मच्छर मलेरिया के लिए जिम्मेदार होते हैं। यदि समय रहते पानी की निकासी नहीं की जाए, तो संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
बारिश के बाद सड़कों, गड्ढों, पार्कों, छतों, कूलर, गमलों और घरों के आसपास पानी जमा हो जाता है। यह जमा हुआ पानी मच्छरों के अंडे देने और उनके तेजी से बढ़ने के लिए आदर्श स्थान बन जाता है। खासतौर पर एडीज मच्छर डेंगू और चिकनगुनिया फैलाते हैं, जबकि एनोफिलीज मच्छर मलेरिया के लिए जिम्मेदार होते हैं। यदि समय रहते पानी की निकासी नहीं की जाए, तो संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
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मानसून में बार-बार बीमार क्यों पड़ते हैं लोग?
- फोटो : AI
3. दूषित पानी और भोजन
मानसून के दौरान बारिश का पानी अक्सर पीने के पानी के स्रोतों को दूषित कर देता है। कई बार सीवर का पानी भी पीने के पानी में मिल जाता है, जिससे हैजा, टाइफाइड, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा खुले में बिकने वाला स्ट्रीट फूड, कटे हुए फल और लंबे समय तक रखा हुआ भोजन बैक्टीरिया से संक्रमित हो सकता है। इसलिए इस मौसम में हमेशा ताजा, गर्म और साफ भोजन खाने की सलाह दी जाती है।
मानसून के दौरान बारिश का पानी अक्सर पीने के पानी के स्रोतों को दूषित कर देता है। कई बार सीवर का पानी भी पीने के पानी में मिल जाता है, जिससे हैजा, टाइफाइड, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा खुले में बिकने वाला स्ट्रीट फूड, कटे हुए फल और लंबे समय तक रखा हुआ भोजन बैक्टीरिया से संक्रमित हो सकता है। इसलिए इस मौसम में हमेशा ताजा, गर्म और साफ भोजन खाने की सलाह दी जाती है।
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मानसून में बार-बार बीमार क्यों पड़ते हैं लोग?
- फोटो : Adobe stock photos
4. कमजोर इम्यूनिटी
बारिश के मौसम में तापमान और मौसम में बार-बार बदलाव होने से शरीर को खुद को अनुकूल बनाने में समय लगता है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) अस्थायी रूप से कमजोर पड़ सकती है। जिन लोगों की पहले से इम्यूनिटी कम होती है, जैसे बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग, वे वायरल संक्रमण की चपेट में जल्दी आ सकते हैं। इसलिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम इस मौसम में बेहद जरूरी है।
बारिश के मौसम में तापमान और मौसम में बार-बार बदलाव होने से शरीर को खुद को अनुकूल बनाने में समय लगता है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) अस्थायी रूप से कमजोर पड़ सकती है। जिन लोगों की पहले से इम्यूनिटी कम होती है, जैसे बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग, वे वायरल संक्रमण की चपेट में जल्दी आ सकते हैं। इसलिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम इस मौसम में बेहद जरूरी है।