पाचन ठीक तो शरीर स्वस्थ, ये हम सभी अक्सर सुनते रहते हैं? पर क्या आपका पाचन स्वास्थ्य ठीक है?
Stomach Problems: पौष्टिक चीजें खाते हैं फिर भी रहती है पेट में दिक्कत? ये गलती तो नहीं कर रहे आप
जब हम बहुत तेजी से खाते हैं, तो भोजन ठीक से चब नहीं पाता। इसका सीधा असर मुंह से शुरू होने वाली पाचन प्रक्रिया पर पड़ता है। भोजन के साथ पर्याप्त मात्रा में लार नहीं मिलती, जिससे कार्बोहाइड्रेट के शुरुआती पाचन में बाधा आती है।
जल्दी-जल्दी भोजन करना नुकसानदायक
डॉक्टर कहते हैं, जब हम बहुत जल्दी-जल्दी से खाते हैं, तो भोजन ठीक से चबाया नहीं जाता। इसका सीधा असर मुंह से शुरू होने वाली पाचन प्रक्रिया पर पड़ता है।
- भोजन के साथ पर्याप्त मात्रा में लार नहीं मिलती, जिससे कार्बोहाइड्रेट को पचाने में मुश्किल होने लगती है।
- बिना सही से चबाए, भोजन बड़े-बड़े टुकड़े पेट तक पहुंचता है, जहां उन्हें तोड़ने के लिए पेट को अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
- इसके कारण गैस, अपच, पेट दर्द और भारीपन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
अगर आप भी पौष्टिक भोजन करने के बावजूद पेट से जुड़ी परेशानियों से जूझ रहे हैं, तो हो सकता है कि समस्या आपके भोजन में नहीं, बल्कि खाने की रफ्तार में हो।
अच्छे से चबाना क्यों जरूरी है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, अक्सर लोग सोचते हैं कि पाचन केवल पेट में शुरू होता है, जबकि इसकी शुरुआत मुंह से ही हो जाती है।
- जब भोजन को अच्छी तरह चबाया जाता है तो वह छोटे-छोटे टुकड़ों में टूटता है और लार के साथ मिल जाता है।
- लार में मौजूद एंजाइम कार्बोहाइड्रेट के शुरुआती पाचन में मदद करते हैं।
- लेकिन यदि आप भोजन को जल्दबाजी में निगल लेते हैं, तो यह प्रक्रिया नहीं हो पाती।
- बड़े टुकड़े पेट तक पहुंचते हैं, जिससे पेट और आंतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
गैस-डकार की समस्या
जल्दी-जल्दी भोजन करने से आप खाने के साथ अधिक मात्रा में हवा भी निगल लेते हैं। यही हवा बाद में गैस, डकार और पेट फूलने का कारण बन सकती है।
- इसके अलावा बड़े आकार के भोजन के कणों को पचाने में पेट को अधिक समय और मेहनत लगती है। इससे एसिडिटी, भारीपन और अपच जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
- जिन लोगों को पहले से ही इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम, एसिड रिफ्लक्स या पाचन संबंधी अन्य समस्याएं हैं, उनमें यह आदत लक्षणों को और बढ़ा सकती है।
कैसे रखें पाचन को ठीक?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं अच्छे पाचन के लिए माइंडफुल ईटिंग जरूरी है। इसका मतलब है कि भोजन करते समय पूरा ध्यान खाने पर हो।
- मोबाइल, टीवी या लैपटॉप देखते हुए खाने से व्यक्ति अनजाने में ज्यादा खा सकता है।
- ध्यानपूर्वक भोजन करने से स्वाद बेहतर महसूस होता है, भूख और तृप्ति के संकेत समझ में आते हैं और भोजन अच्छी तरह चबाया जाता है।
- इससे पाचन बेहतर होता है और ओवरईटिंग की आशंका भी कम होती है।
यदि खान-पान की आदतें सुधारने के बाद भी लंबे समय तक गैस, अपच, पेट दर्द, लगातार कब्ज, जैसी समस्याएं बनी रहें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये किसी गंभीर पाचन संबंधी बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं। समय पर जांच और सही उपचार से जटिलताओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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