Monkeypox Symptoms: मंकीपॉक्स के मामले दुनिया भर में बढ़ रहे हैं। इसका असर अब भारत में भी नजर आने लगा है। 14 जुलाई को केरल में सबसे पहला मंकीपॉक्स से संक्रमित मरीज पाया गया था। जिसके बाद गाजियाबाद में एक पांच साल की बच्ची के सैंपल को संदेह के आधार पर जांच के लिए भेजा गया था। वहीं रविवार को दिल्ली में मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया है। करीब तीन दिन पहले संक्रमित में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती किया गया था। व्यक्ति के किसी यात्रा का इतिहास नहीं है, हालांकि आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, संक्रमित व्यक्ति हाल में मनाली की एक पार्टी में शामिल हुआ था। अब तक देशभर में मंकीपॉक्स के चार मामले सामने आ चुके हैं। सवाल ये है कि मंकीपॉक्स के लक्षण की पहचान कैसे करें? मंकीपॉक्स से बचने के तरीके क्या हैं? मंकीपॉक्स के लक्षणों को जानकर समय रहते इलाज करा सकते हैं, साथ ही मंकीपॉक्स से बचने के तरीकों को अपनाकर इसके प्रसार को रोक सकते हैं। चलिए जानते हैं मंकीपॉक्स के लक्षण, उपचार और बचाव के उपाय।
Monkeypox Symptoms: इन लक्षणों से करें मंकीपॉक्स की पहचान, बचाव के लिए अपनाएं ये तरीके
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कैसे फैल रहा मंकीपॉक्स
मंकीपॉक्स एक ऐसा संक्रामक रोग है, जो संक्रमित स्थानों पर जाने या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के कारण फैलता है। हालांकि मनाली जाने वाले व्यक्ति की किसी विदेश यात्रा का रिकॉर्ड नहीं मिला है। सीडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जानवरों से इंसानों में आया है। शरीर से निकले संक्रमित फ्लूइड के संपर्क में आने से, संक्रमित जानवर के काटने, छूने से होता है।
शहरी के निवासी रोगियों के चिकित्सीय रिकॉर्ड के विश्लेषण के मुताबिक, मंकीपॉक्स संक्रमण वाले 98 फीसदी लोग समलैंगिक या उभयलिंगी पुरुष थे। अध्ययन में पता चला कि करीब 95 फीसदी लोग यौन संबंधों के दौरान एक दूसरे से संक्रमित हुए हैं।
मंकीपॉक्स के लक्षण
रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 13 फीसदी रोगियों को मंकीपॉक्स के कारण भर्ती करना पड़ा था। इन लोगों में चकत्ते, बुखार, सुस्ती, मायलागिया सिरदर्द और लिम्फ नोड्स की सूजन इत्यादि लक्षण पाए गए हैं। इसके लक्षण 2- 4 सप्ताह तक रह सकते हैं। मंकीपॉक्स के लक्षण बहुत घातक तो नहीं है लेकिन कई केस में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
ऐसे करें मंकीपाॅक्स की पहचान
किसी संक्रमित व्यक्ति में मंकीपॉक्स की पहचान करनी हो तो ध्यान दें कि तेज बुखार, सिरदर्द, लिम्फ नोड्स की सूजन, मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी हो सकती है। चेहरे और हाथ-पांव पर बड़े आकार के दाने पड़ना मंकीपॉक्स के मुख्य लक्षणों में से एक है। संक्रमण होने से लक्षणों की शुरुआत तक यानी इनक्यूबेशन पीरियड 6 से 13 दिनों का होता है।
- मंकीपाॅक्स से बचने के लिए सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करें। दुनिया के कई देशों में मंकीपॉक्स से बचाव के लिए चेचक का टीका यानी वैक्सीनेशन किया जा रहा है। टीका जरूर लगवाएं।
- अगर किसी में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखाई दें, तो घबराएं नहीं, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- मध्य और पश्चिम अफ्रीका से लौटे लोगों के संपर्क में आने से बचें।
- साफ सफाई का ख्याल रखें। संक्रमित व्यक्त के संपर्क में आने पर साबुन से हाथ धोएं।
- सैनिटाइजर का उपयोग करें।