पिछले तीन साल से अधिक समय से वैश्विक स्तर पर जारी कोरोना महामारी का प्रकोप अभी थमा नहीं है, हालिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कोरोना के वैरिएंट्स में अब भी म्यूटेशन जारी है, इससे नए स्ट्रेन आने का खतरा बना हुआ है। भले ही संक्रमण की रफ्तार काफी कंट्रोल में है फिर भी इसे हल्के में लेने की गलती नहीं की जानी चाहिए।
बड़ी चिंता: कोरोना के बाद अब चीन में Mpox संक्रमण ने मचाई तबाही, जानिए इस संक्रामक रोग के बारे में सबकुछ
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चीन में तेजी से बढ़े हैं मंकीपॉक्स के केस
डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों से पता चलता है कि पूरे 2022 में केवल छह मामलों की पुष्टि हुई थी, जबकि इस बार दो महीनों में ही 300 से अधिक लोगों में संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है। वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि इसके अतिरिक्त हालिया सप्ताह के दौरान चीन में साप्ताहिक मामलों की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि हुई है, यहां पिछले तीन हफ्तों में संक्रमण के मामलों में 50% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विशेषज्ञ बोले- चीन सहित कई देशों में इसका खतरा
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ डॉ. पीटर-चिन होंग कहते हैं, हम वैश्विक स्तर पर कोरोना संक्रमण को लेकर चर्चा कर रहे हैं, पर साथ ही एमपॉक्स भी गंभीर खतरे के तौर पर उभरा है। एमपॉक्स अभी खत्म नहीं हुआ है और हमने इसे चीन में बढ़ते देखा है। हमें उन जोखिमों को लेकर भी सावधान रहने की आवश्यकता है, जो संकेत करते हैं कि मंकीपॉक्स कई अन्य देशों में भी बढ़ सकता है।
गौरतलब है कि वैश्विक स्तर पर एमपॉक्स का प्रकोप पूरे यूरोप में फैलने से पहले साल 2022 में यह यूनाइटेड किंगडम में शुरू हुआ था, अमेरिका में इसके कारण हालात काफी बिगड़े थे।
मंकीपॉक्स संक्रमण के बारे में जानिए
एमपॉक्स (मंकीपॉक्स), मंकीपॉक्स वायरस से होने वाला एक संक्रामक रोग है। इससे दर्दनाक दाने, बढ़े हुए लिम्फ नोड्स के साथ तेज बुखार हो सकता है। इसका प्रकोप मुख्यरूप से समलैंगिक, बाइसेक्सुअल लोगों में अधिक देखा जाता रहा है। हालांकि रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने एक रिपोर्ट में अलर्ट किया था कि यौन संबंधों के अलावा भी इस संक्रमण को जोखिम कई और तरीके से हो सकता है, जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है।
चीन में किसी भी टीके को मंजूरी नहीं
यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि एमपॉक्स को रोकने और इसके संक्रमण से बचाव के लिए दुनियाभर में तीन टीके, जिनियोस वैक्सीन (यू.एस. में इस्तेमाल होने वाला एकमात्र टीका), ACAM2000 और इम्वेनेक्स उपलब्ध हैं, हालांकि चीन में कोई भी स्वीकृत नहीं है।
एमपॉक्स कोविड की तुलना में कम संक्रामक है, लेकिन 2022 के बाद से 88,000 से अधिक लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं, 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। पहले अफ्रीका के जंगली क्षेत्रों में ही इस संक्रमण के मामले रिपोर्ट किए जाते थे, हालांकि अब कई विकसित देशों में भी इस संक्रमण के मामले काफी तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं।
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स्रोत और संदर्भ
2022-23 Mpox (Monkeypox) Outbreak: Global Trends
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।