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सलाह: साइरस पूनावाला ने वैक्सीन कॉकटेल को बताया 'बैड आइडिया', बोले- सामने आ सकती है बड़ी मुसीबत

Sat, 14 Aug 2021 12:33 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Sat, 14 Aug 2021 12:33 PM IST
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Mixing Covid vaccines is not good idea at all, says Serum Institute chief Cyrus Poonawalla
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के चेयरमैन साइरस पूनावाला - फोटो : ANI

कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीनेशन को सबसे प्रभावी उपाय माना जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत में फिलहाल 53.61 करोड़ से अधिक लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक खुराक मिल चुकी है। वैक्सीनेशन की प्रभाविकता को बढ़ाने के लिए दुनियाभर में तमाम अध्ययन किए जा रहे हैं। इसी से संबंधित हाल ही में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने भारत में निर्मित कोविशील्ड और कोवैक्सीन के मिक्स डोज को कोरोना के खिलाफ प्रभावशाली होने का दावा किया था, हालांकि सीरम इंस्टीट्यूट के संस्थापक साइरस पूनावाला ने टीकों के मिश्रण पर आपत्ति जताई है।


सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के संस्थापक साइरस पूनावाला ने वैक्सीन के मिक्स-एंड-मैच को लेकर अस्वीकृति व्यक्त करते हुए इसे बैड आइडिया करार दिया है। साइरस पूनावाला का कहना है, वैक्सीन कॉकटेल की प्रभाविकता को लेकर फिलहाल ज्यादा साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में मैं इसका समर्थन नहीं करता हूं। वैक्सीनों को मिक्स करने की कोई आवश्यकता और इसकी प्रभाविकता मुझे तो नजर नहीं आती है।
आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

Mixing Covid vaccines is not good idea at all, says Serum Institute chief Cyrus Poonawalla
मिक्स वैक्सीन की प्रभाविकता के साक्ष्य नहीं - फोटो : सोशल मीडिया

कंपनियों में शुरू हो सकता है ब्लेम-गेम
एसआईआई के संस्थापक साइरस पूनावाला कहते हैं, वैक्सीन का कॉकटेल बनाना कोई अच्छा आइडिया नहीं माना जा सकता है। पहले तो इसकी प्रमाणिकता को लेकर कोई साक्ष्य नहीं है, दूसरा यह दो कंपनियों के बीच ब्लेम-गेम का कारण भी बन सकता है। अगर कॉकटेल वैक्सीनेशन के बाद किसी के साथ कुछ गलत होता है तो दो वैक्सीन निर्माताओं के बीच एक दूसरे के टीके में दोष खोजने की प्रतिस्पर्धा शुरू हो सकती है। ऐसे में किसी भी नजरिए से मिक्स-एंड-मैच वैक्सीन के आइडिया को फायदेमंद नहीं माना जा सकता है।

Mixing Covid vaccines is not good idea at all, says Serum Institute chief Cyrus Poonawalla
दूसरी डोज में अलग कंपनी की वैक्सीन (सांकेतिक) - फोटो : PTI

इस स्थिति में ली जा सकती है अलग-अलग वैक्सीन
पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए पूनावाला कहते हैं, दो डोज में अलग-अलग वैक्सीन लेना सिर्फ एक ही स्थिति में सही माना जा सकता है। जिन लोगों ने वैक्सीन की एक डोज लगवा ली है पर किन्हीं कारणवश दूसरी खुराक के लिए उन्हें उसी कंपनी की वैक्सीन न मिल रही हो, ऐसे में एक विकल्प के रूप में अलग वैक्सीन ली जा सकती है। पर विशेष लाभ प्राप्त करने के लिए ऐसा करने के फायदे नजर नहीं आते हैं। वैक्सीन के संयोजन की प्रभावकारिता और प्रतिरक्षात्मकता, नियामकों द्वारा किए जा रहे अध्ययनों पर निर्भर हैं।

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Mixing Covid vaccines is not good idea at all, says Serum Institute chief Cyrus Poonawalla
वैक्सीन कॉकटेल को आईसीएमआर ने बताया था प्रभावी (सांकेतिक) - फोटो : Social media

आईसीएमआर ने वैक्सीन कॉकटेल को बताया था असरदार
हाल ही में आईसीएमआर ने बताया था कि दोनों स्वदेशी वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन के मिक्स एंड मैच डोज लेकर शोधकर्ताओं ने अध्ययन किया। एक एडिनोवायरस वेक्टर प्लेटफॉर्म और दूसरी निष्क्रिय वायरस पर आधारित वैक्सीन के मिक्स डोज को लेकर किए गए इस अध्ययन में न सिर्फ इसे सुरक्षित पाया गया है, साथ ही यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने में भी कारगर साबित हो सकती है। हालांकि अब एसआईआई के संस्थापक ने इसे बैड आइडिया बताया है।  गौरतलब है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, स्वदेशी वैक्सीन कोविशील्ड की निर्माता कंपनी है।

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वैक्सीन कॉकटेल की प्रभाविकता जानने के लिए अध्ययन - फोटो : PTI

मिक्स डोज की प्रभाविकता जानने के लिए अध्ययन
मिक्स-एंड-मैच वैक्सीनेशन की प्रभाविकता जानने के लिए कई देशों में अध्ययन किए जा रहे हैं। रिपोर्टस के मुताबिक हाल ही में सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) ने क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) वेल्लोर को कोवैक्सिन और कोविशील्ड के मिश्रण की प्रभाविकता को जानने के लिए अध्ययन की मंजूरी दे दी है। ड्रग रेगुलेटर के एक विशेषज्ञ पैनल ने 29 जुलाई को अध्ययन के अनुमति की सिफारिश की थी, जिसे अब हरी झंडी मिल गई है। यह परीक्षण 300 प्रतिभागियों पर किया जाएगा। 


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नोट: यह लेख सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के संस्थापक साइरस पूनावाला के हालिया बयान के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

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