Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey
किसी दुबले व्यक्ति को देखकर आपको अक्सर महसूस होता होगा कि ये कितना लकी है। अगर आपका वजन बढ़ा हुआ हो और उसके लिए कड़ी मेहनत कर रहे हों, तो ये बात और भी ज्यादा महसूस होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुबला होना स्वस्थ होने की निशानी नहीं है और न ही केवल थोड़ा बढ़ा वजन अनफिट होने की। वजन का असंतुलन और उससे शरीर पर पड़ने वाला असर ही असली समस्या की जड़ है। मतलब दुबले लोगों को भी फिट रहने के लिए एक्सरसाइज और पौष्टिक भोजन की जरूरत होती है। आखिर वो क्या वजह है जो एक व्यक्ति को चीज से लदा ढेर सारा जंक फूड खाने के बाद भी दुबला ही बनाए रखती है और दूसरा बेचारा आधी रोटी में भी वजन बढ़ा बैठता है। ये होती है करामात मेटाबोलिज्म की। मेटाबोलिज्म मतलब शरीर के भीतर की वह प्रक्रिया जो आपके खाये गए भोजन-पानी को ऊर्जा में बदलती है और शरीर को काम करने में मदद करती है। ध्यान रखने लायक बात यह है कि आपके सोते समय भी शरीर को सांस लेने, ब्लड सर्कुलेशन के लिए, हार्मोन लेवल में संतुलन बनाने आदि जैसे कामों के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। लेकिन इसके साथ एक और बहुत महत्वपूर्ण चीज जुड़ी हुई है। मेटाबोलिज्म आपके शरीर की ऊर्जा की जरूरत को प्रभावित करती है लेकिन इसके साथ आप फिजिकली कितने एक्टिव होते हैं इसपर निर्भर करता है आपके शरीर का वजन।
सेहत की बात: सभी दुबले लोग नहीं होते हेल्दी, शरीर के वजन और साइज से जानें कितने स्वस्थ हैं आप
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मेटाबॉलिज्म को सन्तुलित किया जा सकता है:
ऐसा हो सकता है कि किसी व्यक्ति को अच्छे मेटाबोलिज्म का तोहफा प्राकृतिक रूप से मिला हो लेकिन अगर थोड़ी बहुत मेहनत की जाए तो आप अपने मेटाबोलिज्म को नियंत्रित भी कर सकते हैं। यह सबकुछ आपके शरीर में मसल्स की मात्रा पर भी निर्भर करता है और रेसिस्टेंस ट्रेनिंग या स्पेशल वर्कआउट के जरिए आप शरीर में मांसपेशियों की मात्रा को बढ़ा सकते हैं। इसी तरह वर्कआउट के जरिये आप कैलोरी भी अच्छी मात्रा में जला सकते हैं।
भोजन का भी होता है असर:
हां, भोजन बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है आपके वजन को संतुलित रखने में। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि कोई दुबला व्यक्ति पोषणयुक्त भोजन नहीं करे तो भी वह स्वस्थ ही रहेगा। उसकी मेटाबॉलिज्म की रेट उसका हमेशा साथ ही देगी। ऐसा नहीं होता। दुबला व्यक्ति भले ही बहुत सारा जंक फ़ूड खाने के बावजूद दुबला ही रहता है, तब भी उसके शरीर को वे सारे नुकसान हो रहे होते हैं जो अधिक मात्रा में जंक फूड खाने से होते हैं। इसी तरह रात के भोजन के बाद तुरन्त सो जाना, बिना किसी फिजिकल एक्टिविटी के रहना, मोबाइल, टीवी आदि देखते हुए खाना आदि आदतें दुबले लोगों के लिए भी नुकसान पहुंचाने वाली ही होती हैं।
एक्सरसाइज की जरूरत दुबलों को भी होती है:
एक्सरसाइज या फिजिकल एक्टिविटी की जरूरत केवल वजन घटाने के लिए ही नहीं होती। वजन को संतुलित रखने और शरीर को भीतर से मजबूत बनाने के लिए भी एक्सरसाइज जरूरी होती है। एक और तथ्य यह भी है कि दुबले लोगों में भी धीमी मेटाबोलिज्म दर हो सकती है। मेटाबोलिज्म की दर को अच्छा बनाये रखने के लिए जरूरी है अच्छी मात्रा में कैलोरीज जलाना। इसके लिये शरीर में फैट को कम से कम स्टोर करें और मांसपेशियों को ज्यादा बनाएं।
शरीर की जरूरत के हिसाब से खाएं:
चाहे आप दुबले हों या मोटे आपका भोजन आपके शरीर के हिसाब से होना चहिए। वैसे एक सामान्य भारतीय थाली जिसमें सब्जी, रोटी, चावल, दाल, सलाद, रायता आदि है वह सबसे अच्छा विकल्प है। अगर आप मांसाहारी हैं तो सी फ़ूड और अंडे भी फायदेमंद हो सकते हैं। अगर आप खिलाड़ी हैं या रेग्युलर कई घन्टे जिमिंग या एक्सरसाइज करते हैं तो आपको अलग से प्रोटीन, विटामिन्स, मिनरल्स की जरूरत भी हो सकती है। यदि आप डाइट को लेकर कन्फ्यूज हों तो सबसे अच्छा तरीका है विशेषज्ञ की सलाह से बना डाइट चार्ट फॉलो करें। मेटाबोलिज्म की दर को अच्छा बनाने के लिए भोजन के अलावा भरपूर नींद लेना, भरपूर पानी पीना, शराब और सिगरेट से दूरी बनाना आदि भी जरूरी है।
नोट: यह लेख अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) प्रिया पांडेय के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।