हृदय की बिगड़ती जा रही सेहत मौजूदा समय में सबसे चर्चित विषय है। कम उम्र में ही लोग हृदय रोगों के शिकार हो रहे हैं। हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसे मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण यह खतरा बढ़ गया। कोरोना महामारी की विपरीत परिस्थितियों और वायरस के दुष्प्रभावों ने भी हृदय के कार्यों को प्रभावित किया है।
डॉक्टर्स ने बताया: हृदय को स्वस्थ रखने के लिए ये हैं दो सबसे आवश्यक पोषक तत्व, आपके आहार में है इनकी मात्रा?
आहार की विशेष भूमिका
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जंक-फास्ट फूड्स, खाने के तेल में अशुद्धि और सोडियम की अधिकता वाली चीजें हृदय के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि प्लांट बेस्ड आहार और डैश डाइट जैसे डाइट प्लान को अपनाकर हृदय को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। जिन दो पोषक तत्वों को सबसे आवश्यक माना गया है वह हैं पोटेशियम और मैग्नीशियम। सभी लोग अपने भोजन में इन पोषक तत्वों से भरपूर चीजों का सेवन जरूर सुनिश्चित करें।
पोटेशियम आपकी धमनियों को रखता है स्वस्थ
पोटेशियम आपके शरीर के लिए एक अतिआवश्यक खनिज है जो नसों और मांसपेशियों को बेहतर तरीक से काम करने में मदद करता है। अध्ययन में पाया गया है कि पेटेशियम युक्त चीजें धमनियों को सख्त होने से रोकने में मदद कर सकती हैं। धमनियों की कठोरता और संकीर्णता, हृदय में रक्त के प्रवाह को बाधित कर देती है जो हृदय संबंधी गंभीर समस्याओं का कारण बनती है।
पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थों को रक्तचाप को कम करने, हृदय की लय को स्थिर रखने और कार्डियक अरेस्ट के जोखिम को कम करने में लाभकारी पाया गया है। सूखे मेवे (किशमिश, खुबानी) दाल,आलू, पालक, ब्रोकली, एवोकाडो और केले में पोटेशियम की अधिकता होती है।
मैग्नीशियम से हृदय की मांसपेशियों का आराम
मैग्नीशियम को अध्ययनों में आपके दिल की धड़कनों को व्यवस्थित रखने में मददगार पाया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि मैग्नीशियम हृदय की मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है ताकि आपका दिल ठीक से धड़क सके। इसके अलावा यह सेल मेंब्रेन्स में पोटेशियम और सोडियम के परिसंचार में भी मदद करता है, जो हृदय गति को ठीक रखने के साथ समग्र हृदय स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद करता है।
साबुत अनाज, मेवा (बादाम, काजू, पिस्ता, मूंगफली और अखरोट), पत्तेदार सब्जियां इस पोषक तत्व से भरपूर होती है। आहार में इन्हें जरूर शामिल करें।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।