ब्लड शुगर का स्तर बढ़ना शरीर के लिए हानिकारक माना जाता है, यह डायबिटीज की समस्या है। अगर आपके ब्लड शुगर का स्तर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है, तो इसके कारण शरीर के कई अंगों जैसे आंख, तंत्रिका, हृदय आदि के लिए दिक्कतें बढ़ सकती हैं। यही कारण है कि जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या होती है उन्हें दवाइयों के साथ लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखते हुए शुगर के स्तर को कंट्रोल करने की सलाह दी जाती है।
Health Alert: ब्लड शुगर बढ़ना जितना हानिकारक, इसका कम होना उससे भी खतरनाक, जानिए क्या हो सकती हैं दिक्कतें?
हाइपोग्लाइसेमिया की समस्या
हाइपोग्लाइसीमिया अक्सर मधुमेह के उपचार से संबंधित माना जाता है, यानी कि डायबिटीज के उपचार में दी जाने वाली दवाएं कई बार रक्त शर्करा के स्तर को सामान्य से काफी कम कर देती हैं जिसके कारण यह दिक्कत होती है। हाइपोग्लाइसीमिया को तत्काल उपचार की आवश्यकता है।
अगर इस स्थिति पर ध्यान न दिया जाए तो इसके कई लक्षण हो सकते हैं, जिसमें से कुछ को गंभीर भी माना जाता है।
कैसे जाने आपका ब्लड शुगर लो हो रहा है?
हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न हो सकते हैं। कई बार इसमें सामान्य समस्याओं का अनुभव होता है जो खुद से ठीक भी हो जाता है पर कुछ स्थितियों में इसके लक्षण गंभीर हो सकते हैं। जब आपका ब्लड शुगर लेवल कम हो रहा होता है तो इसके कई लक्षण से पहचान की जा सकती है।
कंपकंपी होना या कमजोरी लगने से लेकर पसीना आना और ठंड लगना, हृदय गति बढ़ जाना, भ्रम या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, घबराहट या चिड़चिड़ापन या फिर आपकी त्वचा से रंग पीला होने लग सकता है। यह बेहोशी का भी कारण बन सकता है, इसलिए अगर आपको डायबिटीज है और इस तरह की दिक्कतें हो रही हैं तो तुरंत शुगर की जांच करें।
गंभीर भी हो सकते हैं लक्षण
गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षणों में रोगी को तुरंत आपातकालीन चिकित्सा की आवश्यकता होती है। दुर्लभ मामलों में गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया के परिणामस्वरूप कोमा या मृत्यु का भी जोखिम रहता है। इस स्थिति में धुंधली या दोहरी दृष्टि के साथ रोगी को स्पष्ट बोलने में कठिनाई, शारीरिक समन्वय में समस्या या फिर बेहोशी की दिक्कत हो सकती है। यदि शुगर का लेवल लगातार 60 या इससे कम है तो इसके गंभीर रूप लेने का जोखिम हो सकता है।
शुगर लो हो जाए तो क्या करें?
अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार यदि आपका शुगर लेवल बहुत कम हो जाता है, तो तुरंत हल्की मात्रा में कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों का सेवन करें। इससे लक्षणों में काफी हद तक सुधार हो सकता है, हालांकि यदि आपको गंभीर लक्षणों का अनुभव हो रहा है और सामान्य उपायों से भी लाभ नहीं मिल रहा है तो तुरंत किसी डॉक्टर से संपर्क करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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