ब्लड प्रेशर और शुगर की समस्या वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनी हुई हैं। बच्चे हों या बुजुर्ग, सभी इनका शिकार देखे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लड प्रेशर हो या शुगर अगर ये अक्सर बढ़े हुए रहते हैं तो इसका सेहत पर गंभीर असर हो सकता है। कई मामलों में ये जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं का भी कारण बन सकते हैं, यही कारण है कि सभी लोगों को अपनी सेहत को लेकर अलर्ट रहना चाहिए।
सेहत की बात: लो बीपी और लो शुगर दोनों हो सकते हैं खतरनाक, जानिए इन समस्याओं में कैसे पाएं तुरंत आराम
Low BP & Low Sugar: लो ब्लड प्रेशर और लो शुगर दोनों गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं। बीपी गिरने पर शरीर के अंगों तक पर्याप्त खून नहीं पहुंचता, जबकि शुगर कम होने से दिमाग को ऊर्जा नहीं मिलती। इसके कारण चक्कर और पसीना आने, भ्रम और बेहोशी जैसे लक्षण हो सकते हैं, जिन्हें समय पर पहचानकर इलाज कराना जरूरी है।
डॉक्टर बताते हैं, डायबिटीज के मरीजों में इंसुलिन या कुछ दवाओं की वजह से शुगर अचानक लो होने का खतरा रहता है। वहीं, डिहाइड्रेशन, कुछ दवाएं और दूसरी बीमारियां बीपी लो कर सकती हैं। अब सवाल ये है कि इन दोनों स्थितियों में खतरा कब बढ़ जाता है और इमरजेंसी में मरीज की जान बचाने के लिए क्या करना चाहिए?
पहले लो ब्लड प्रेशर के खतरे जान लीजिए
जब ब्लड प्रेशर 90/60 mmHg से कम हो जाता है, तो इसे लो ब्लड प्रेशर या हाइपोटेंशन कहते हैं। हालांकि कुछ लोगों का बीपी सामान्य रूप से कम रहता है और उन्हें कोई परेशानी नहीं होती। खतरा तब होता है, जब बीपी लो के साथ शरीर के अंगों तक पर्याप्त खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। गंभीर स्थिति में शॉक की भी दिक्कत हो सकती है।
- लो बीपी के कारण चक्कर आने, आंखों के आगे अंधेरा छाने, धुंधला दिखाई देने और गंभीर स्थितियों में भ्रम की स्थिति या बेहोशी की समस्या हो सकती है।
- शरीर में पानी की कमी, उल्टी-दस्त, हृदय संबंधी समस्याएं और कुछ दवाएं लो बीपी का कारण बन सकती हैं।
- अचानक खड़े होने पर भी कुछ लोगों का बीपी कम हो जाता है। इसे पोस्टुरल हाइपोटेंशन कहते हैं।
लो शुगर कब हो सकती है जानलेवा?
जब ब्लड ग्लूकोज 70 mg/dL से नीचे चला जाता है, तो इसे लो ब्लड शुगर या हाइपोग्लाइसीमिया कहते हैं। इस स्थिति में दिमाग को पर्याप्त ग्लूकोज नहीं मिल पाता, जबकि ग्लूकोज दिमाग के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। इसके कारण आपको पसीना आने, हाथ कांपने, तेज भूख लगने, घबराहट और दिल की धड़कन तेज होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। शुगर बहुत ज्यादा लो होने के कारण दौरे पड़ सकते हैं या बेहोशी हो सकती है।
- डायबिटीज की दवा या इंसुलिन की ज्यादा मात्रा लेना, समय पर खाना न खाने, शराब का सेवन करने से ये दिक्कतें हो सकती हैं।
इमरजेंसी में क्या करें?
डॉक्टर बताते हैं, लो बीपी और लो शुगर दोनों ही स्थितियां सेहत के लिए खतरनाक हो सकती हैं। लो शुगर की स्थिति में मरीज चॉकलेट, कैंडी या दूसरी मीठी चीजें दें और 15 मिनट बाद दोबारा शुगर जांचें। इसके बाद भी बीपी लो रहने पर यही प्रक्रिया दोहराएं। अगर मरीज बेहोश है या दौरे पड़ रहे हैं तो मुंह में कुछ भी न डालें और तुरंत इमरजेंसी मदद लें।
- इसी तरह लो बीपी में नींबू-नमक पानी पीने को दें, इससे ब्लड प्रेशर में सुधार हो सकता है। अगर आपको लगातार लो बीपी की दिक्कत रहती है तो इस बारे में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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