कोरोना संक्रमण के मामले देश में फिलहाल भले ही कम हो गए हों लेकिन संक्रमित रह चुके कई सारे लोगों में इसके दीर्घकालिक असर देखने को मिल रहे हैं। ऐसी परेशानियों को 'लॉन्ग कोविड' के रूप में जाना जाता है। अब तक कई रिपोर्टस में कहा जाता रहा है कि लॉन्ग कोविड में लोगों को फेफड़ों-हृदय की समस्या के अलावा कमजोरी और कुछ अन्य तरह की समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि कोरोना संक्रमण व्यक्ति के रक्त कोशिकाओं में कई तरह के बदलाव कर सकती है।
अध्ययन: रक्त कोशिकाओं में देखा गया लॉन्ग कोविड का असर, जानिए सेहत पर क्या हो सकता है इसका प्रभाव?
कोविड-19 और रक्त कोशिकाओं पर इसका असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना संक्रमण के दौरान शरीर में खून का संचार प्रभावित होने के साथ गंभीर रूप से वाहिकाओं में रुकावट की समस्या आ सकती है। यह शरीर में ऑक्सीजन के संचार को भी सीमित कर देता है। इन सभी स्थितियों में रक्त कोशिकाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन बातों को विस्तार से समझने के लिए मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर द साइंस ऑफ लाइट (एमपीएल), फ्रेडरिक अलेक्जेंडर यूनिवर्सिटी एर्लांगेन-नूर्नबर्ग और जर्मन सेंटर फॉर इम्यूनोथेरेपी के वैज्ञानिकों की एक टीम ने लाल और सफेद रक्त कोशिकाओं की स्थिति को समझने के लिए अध्ययन किया।
रक्त कोशिकाओं में देखे गए बदलाव
अध्ययन के बारे में एमपीएल के प्रबंध निदेशक प्रोफेसर जोचेन जक बताते हैं, इस शोध के दौरान हमें रक्त कोशिकाओं में स्पष्ट और दीर्घकालिक परिवर्तनों के बारे में पता चला है। शोध के दौरान कोविड-19 से गंभीर रूप से बीमार 17 रोगियों, कोविड से ठीक हो चुके 14 लोगों और 24 स्वस्थ लोगों के रक्त कोशिकाओं का अध्ययन किया गया। इसके लिए रियल टाइम डिफार्मेबेलिटी साइटोमेट्री (आरटी-डीसी) नामक एक स्व-विकसित विधि का उपयोग किया गया।
अध्ययन में क्या पता चला?
शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने एक संकीर्ण चैनल के माध्यम से उच्च गति से रक्त कोशिकाओं का प्रवाह किया। इस प्रक्रिया में, ल्यूकोसाइट्स और एरिथ्रोसाइट्स खिंच जाते हैं। इस गतिविधि को माइक्रोस्कोप के माध्यम से रिकॉर्ड किया गया। अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि स्वस्थ लोगों की तुलना में कोरोना से संक्रमित रह चुके लोगों की लाल रक्त कोशिकाओं में कई तरह की विकृति और आकार में बदलाव देखने को मिला। निष्कर्ष में वैज्ञानिकों ने पाया कि यह फेफड़ों की वाहिकाओं में रुकावट का कारण बन सकती हैं।
सेहत को कैसे प्रभावित कर सकती है यह स्थिति?
रक्त कोशिकाओं में दिखे बदलाव के प्रभावों के बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि यह संक्रमित व्यक्तियों में ऑक्सीजन की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न कर सकती है। एमपीएल की प्रोफेसर मार्केटा कुबांकोवा कहती हैं, "हमें संदेह है कि प्रतिरक्षा कोशिकाओं का साइटोस्केलेटन, जो कोशिका कार्य के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है, उसमें भी बदलाव आ सकता है। निष्कर्ष के रूप में पता चलता है कि कोरोना संक्रमितों को लॉन्ग कोविड के रूप में फेफड़ों से संबंधित दीर्घकालिक समस्याओं का खतरा बना रह सकता है। कोरोना से ठीक होने के बाद रोगियों को फेफड़ों की जांच करा लेनी चाहिए, जिससे इस तरह की समस्याओं का समय रहते पता चल सके।
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स्रोत और संदर्भ:
How a corona infection changes blood cells n the long run
अस्वीकरण नोट: यह लेख मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर द साइंस ऑफ लाइट (एमपीएल), फ्रेडरिक अलेक्जेंडर यूनिवर्सिटी एर्लांगेन-नूर्नबर्ग और जर्मन सेंटर फॉर इम्यूनोथेरेपी के वैज्ञानिकों द्वारा किए शोध के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।