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विशेषज्ञों की सलाह: लॉन्ग कोविड को न करें नजरअंदाज, संक्रमण से ठीक होने के बाद देखी जा रही है यह गंभीर बीमारी

Tue, 04 May 2021 06:56 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला Published by: Abhilash Srivastava Updated Tue, 04 May 2021 06:56 PM IST
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Long COVID can happen to anyone who has had COVID-19
लॉन्ग कोविड हो सकता है खतरनाक - फोटो : pixabay

कोविड संक्रमण की दूसरी लहर का असर शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते संक्रमितों में कई प्रकार के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि जो लोग कोरोना संक्रमण से ठीक होकर लौट रहे हैं उनमें लॉन्ग कोविड का भी खतरा बना रहता है। जिसका असर भविष्य में शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है। डॉक्टरों की सलाह मानें तो ऐसे लोगों को ठीक होने के बाद अपने हृदय की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। आइए जानते हैं कि कोविड-19 का हृदय से क्या संबंध हो सकता है, जबकि यह श्वसन से संबंधी रोग है?

Long COVID can happen to anyone who has had COVID-19
संक्रमण से ठीक हुए लोगों में देखे जा रहे हैं हृदय संबंधी रोग - फोटो : Pixabay

पोस्ट-कोविड सिंड्रोम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य तौर पर कोविड-19 का संक्रमण एक हफ्ते से लेकर 14 दिनों के भीतर ठीक हो जाता है। लेकिन कुछ लोगों में ठीक होने के बाद भी संक्रमण, हृदय संबंधी गंभीर रोगों का कारण बन सकता है। इस स्थिति को पोस्ट-कोविड सिंड्रोम या लॉन्ग कोविड कहा जाता है। इसी की पुष्टि के लिए ठीक हो चुके लोगों को हृदय की जांच कराने की सलाह दी जाती है।

Long COVID can happen to anyone who has had COVID-19
कोरोना को केवल श्वसन रोग ही न समझें - फोटो : pixabay

'सर्कुलेशन रिसर्च' जर्नल में प्रकाशित एक शोध में वैज्ञानिकों ने बताया है कि कोविड -19 वाहिकाओं से संबंधित बीमारी है। सार्स-सीओवी-2 वायरस वैस्कुलर सिस्टम यानी कि संवहनी प्रणाली को नुकसान पहुंचाता है। कैलिफोर्निया में सल्क इंस्टीट्यूट में सहायक अनुसंधान प्रोफेसर उरी मनोर कहते हैं कि ज्यादातर लोग कोरोना को केवल श्वसन रोग तक ही सीमित कर देते हैं लेकिन यह वास्तव में एक संवहनी रोग भी है।

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Long COVID can happen to anyone who has had COVID-19
लोगों को स्ट्रोक की भी हो रही है समस्या - फोटो : social media

प्रोफेसर मनोर कहते हैं कि कोविड-19 अगर सिर्फ श्वसन से संबधित रोग होता तो संक्रमित लोगों को स्ट्रोक और शरीर के अन्य हिस्सों में समस्या नहीं होती? एक अन्य शोधपत्र में विशेषज्ञों ने बताया कि कोविड से ठीक हो चुके लोगों में लॉन्ग कोविड के रूप में हृदय रोगों के लक्षण देखे जा सकते हैं। अचरज की बात यह है कि इनमें से बहुत सारे लोगों को पहले से कोई भी हृदय रोग नहीं था। 

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ठीक होने के बाद जरूर करा लें जांच - फोटो : iStock

यूएस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार लॉन्ग कोविड किसी को भी हो सकती है, चाहे आपमें कोविड-19 के हल्के लक्षण रहे हों या कोई भी लक्षण न रहे हों। विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड-19 से ठीक होने के कुछ महीनों बाद जब लोगों का इमेजिंग टेस्ट किया गया तो उनके हृदय की मांसपेशियों में क्षति की समस्या देखने को मिली। हैरान करने वाली बात यह है कि जिन लोगों में कोविड-19 के हल्के लक्षण थे उनके हृदय की मांसपेशियों में भी क्षति के मामले दिखाई दिए।

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