ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) का संक्रमण कई प्रकार की गंभीर बीमारियों के खतरे को बढ़ाने वाला हो सकता है, इससे सबसे ज्यादा जोखिम महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का देखा गया है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि किसी भी महिला को एचपीवी का संक्रमण हो सकता है, गंभीर स्थितियों में इससे जानलेवा कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है। एचपीवी वैक्सीनेशन की मदद से इस जानलेवा संक्रामक रोग और इसके कारण होने वाली जटिलताओं से बचाव करने में मदद मिल सकती है।
HPV Infection: सावधान- एचपीवी संक्रमण सिर्फ सर्वाइकल कैंसर ही नहीं, हृदय रोगों से भी बढ़ा सकती है मौत का खतरा
एचपीवी संक्रमण बढ़ा सकती है मौत का जोखिम
यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने एचपीवी संक्रमण के कारण होने वाली समस्याओं को लेकर सभी लोगों को अलर्ट किया है। 17 वर्षों तक 160,000 से अधिक कोरियाई महिलाओं पर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि ह्यूमन पेपिलोमावायरस महिलाओं में असमय मृत्यु के कई खतरों को भी बढ़ाने वाला हो सकता है। हाई रिस्क एचपीवी (एचआर-एचपीवी) स्ट्रेन, जो आम तौर पर यौन संचारित होते हैं, इससे सर्वाइकल कैंसर और हृदय रोग दोनों से मृत्यु का खतरा काफी बढ़ सकता है।
एचपीवी संक्रमण के कारण हृदय रोगों का जोखिम
सियोल में सुंगक्यंकवान यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने 30 वर्ष और उससे अधिक उम्र की 163,250 महिलाओं को शामिल किया जिनमें हृदय रोगों की कोई समस्या नहीं थी। साल 2004 से 2018 तक उच्च जोखिम वाली महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई। औसत 40.2 वर्ष की आयु वाली महिलाओं में जिनमें समय के साथ एचपीवी का संक्रमण हुआ उनमें हृदय रोगों का खतरा विकसित होते देखा गया।
अध्ययन के लेखकों ने बताया, एचपीवी वाली महिलाओं में दीर्घकालिक हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा अधिक हो सकता है। एचआर-एचपीवी संक्रमण के कारण होने वाली समस्याओं को समझना और इसका समय रहते निदान कराना आवश्यक हो जाता है।
अध्ययन में क्या पता चला?
शोधकर्ताओं ने बताया, फॉलो-अप के दौरान, 134 महिलाओं की मृत्यु हृदय रोगों के कारण हो गई से हुई, उनमें से 16% एचआर-एचपीवी-पॉजिटिव थीं। हृदय रोगों के खतरे को बढ़ाने में मोटापा भी एक कारक हो सकता है। एचआर-एचपीवी संक्रमण और हृदय से मृत्यु के बीच का संबंध स्वस्थ वजन वाली महिलाओं की तुलना में मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में अधिक देखा गया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हम जानते हैं कि इंफ्लामेशन, हृदय रोगों के विकास और इसके कारण होने वाली मौत के खतरे को बढ़ा देती है। इसके साथ ही अगर आप एचपीवी संक्रमित हो जाती हैं तो जोखिम और भी अधिक हो सकता है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी में वैज्ञानिक और अध्ययन के प्रमुख लेखक हे सुक चेओंग कहते हैं, वायरल संक्रमण सूजन को ट्रिगर कर सकती है। वायरस, रक्त वाहिकाओं में सूजन भी पैदा कर सकता है जिसके कारण धमनियों के अवरुद्ध और क्षतिग्रस्त होने का भी खतरा बढ़ जाता है, जो हृदय रोगों का प्रमुख कारक है।
अध्ययन के लेखकों ने शोध के निष्कर्षों के आधार पर सभी को अलर्ट करते हुए समय पर एचपीवी वैक्सीनेशन कराने की सलाह दी है। एचपीवी टीकाकरण, दीर्घकालिक हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने के साथ सर्वाइकल कैंसर के खतरे से भी बचाने में मददगार हो सकती है।
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स्रोत और संदर्भ
Human papillomavirus infection and cardiovascular mortality
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