दुनियाभर में पिछले दो साल से अधिक समय से कोरोना संक्रमण का कहर जारी है। इस समय लोगों के लिए बड़ी चिंता का कारण बने ओमिक्रॉन वैरिएंट की संक्रामकता दर काफी अधिक बताई जा रही है, जिसने कई देशों में एक बार फिर से संक्रमण के मामलों को बढ़ा दिया है। संक्रमण के बढ़ते मामलों के साथ-साथ इस समय लॉन्ग कोविड भी एक बड़ी समस्या का कारण बनी हुई है।
Covid-19: वैक्सीनेटेड लोगों में लॉन्ग कोविड और इसकी जटिलताओं का कितना खतरा? अध्ययन में वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा
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वैक्सीनेशन और लॉन्ग कोविड
नेचर मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि वैक्सीनेटेड लोगों को अगर संक्रमण हो जाता है, तो उनमें भी लॉन्ग कोविड विकसित होने का खतरा हो सकता है, हालांकि अन्य लोगों की तुलना में ऐसे लोगों में जटिलताएं जरूर कम देखी गई हैं।
जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ है, ऐसे लोगों की तुलना में वैक्सीनेशन करा चुके लोगों में संक्रमण के कारण मृत्यु का खतरा 34 प्रतिशत और लॉन्ग कोविड का जोखिम 15 प्रतिशत कम जरूर होता है। पर चूंकि वैक्सीनेशन आपको लॉन्ग कोविड से पूरी सुरक्षा देती हुई नहीं देखी जा रही है, ऐसे में इस बारे में सभी को सावधानी जरूर बरतते रहना चाहिए।
अध्ययन में क्या पता चला?
इस अध्ययन के लिए यूएस डिपार्टमेंट ऑफ वेटरन्स अफेयर्स के शोधकर्ता ने 1 जनवरी से 31 अक्टूबर, 2021 तक कोरोना संक्रमण की चपेट में आए 13 मिलियन से अधिक लोगों के डेटा का अध्ययन किया। इसमें से 113,474 लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ था जबकि 33,940 लोग वैक्सीनेशन करा चुके थे। कई स्तर पर किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि लॉन्ग कोविड की खतरा दोनों समूह के लोगों में हो सकता है, हालांकि जिन लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है, उनमें लॉन्ग कोविड में गंभीर समस्याओं का खतरा जरूर कम पाया गया है।
टीकाकरण करा चुके लोगों में भी खतरा
अध्ययन में पाया गया कोविड वैक्सीन, संक्रमण के दौरान गंभीर रोग के कारण अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के जोखिम को कम कर देती है, बावजूद इसके लोगों में लॉन्ग कोविड का खतरा बना हुआ देखा जा रहा है।
वैक्सीन, लॉन्ग कोविड में फेफड़े और रक्त के थक्के बनने से संबंधित विकारों को कम करने में मददगार जरूर हो सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि वैक्सीनेशन करा चुके लोगों को भी लॉन्ग कोविड के खतरे को लेकर सावधानी बरतते रहना चाहिए।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अध्ययन के बारे में वाशिंगटन विश्वविद्यालय में महामारी विज्ञानी डॉ अल-एली कहते हैं, लॉन्ग कोविड मौजूदा समय में इस महामारी से संबंधित बड़ी समस्या बनी हुई है। वैक्सीनेशन से सुरक्षा के बारे में जानने के लिए किए गए इस अध्ययन से पता चलता है कि टीकाकरण करा चुके लोगों में लॉन्ग कोविड की गंभीर जटिलताओं का जोखिम जरूर कम होता है, पर टीके, आपको लॉन्ग कोविड से पूरी तरह से सुरक्षित नहीं करते हैं। सभी लोगों को इस बारे में ध्यान देते रहना आवश्यक है।