स्वस्थ शरीर के लिए विशेषज्ञ स्लीप साइकल को ठीक रखने पर विशेष जोर देते हैं, इसमें सोने-जागने के निर्धारित समय और नींद की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है। नींद की गुणवत्ता का संपूर्ण स्वास्थ्य पर असर देखा जा सकता है। अध्ययनों में पाया गया है कि जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती है, उनमें कई प्रकार की गंभीर बीमारियों के विकसित होने का जोखिम अधिक होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं नींद की गुणवत्ता के साथ इसकी अवधि का ख्याल रखना भी बहुत आवश्यक है, अक्सर लोगों की स्लीप साइकल में एक बड़ी समस्या देखी गई है, कई लोगों को रात में देर तक जगने की आदत होती है। यह आदत भले ही सामान्य लगती हो, पर सेहत पर इसके कई प्रकार से नकारात्मक असर हो सकते हैं।
विशेषज्ञों ने बताया: बहुत हानिकारक है रात में देर से सोने की आदत, कई जानलेवा बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा
हाई ब्लड प्रेशर के हो सकते हैं शिकार
स्लीप साइकल में आने वाली दिक्कत के कारण जिन स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम सबसे अधिक होता है, हाई ब्लड प्रेशर उनमें से एक है। कई अध्ययनों के निष्कर्ष में शोधकर्ताओं ने पाया कि रात में देर तक जगने वाले लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या विकसित होने का जोखिम अन्य लोगों की तुलना में काफी अधिक हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य सी लगनी वाली इस आदत के कारण आपका मेटाबॉलिज्म चक्र भी गड़बड़ हो सकता है जिसके कारण कई तरह की समस्याओं का जोखिम हो जाता है।
वर्कआउट के लिए समय न मिल पाना
देर से सोने वाले लोगों में स्वाभाविक रूप से सुबह देर से उठने की भी आदत होती है, इस कारण से अक्सर ऐसे लोगों के लिए सुबह के समय व्यायाम कर पाना कठिन हो जाता है। हेल्थ प्रमोशन एंड क्रॉनिक डिजीज प्रिवेंशन जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि देर से सोने वाले लोगों में अन्य लोगों की तुलना में गतिहीन जीवनशैली की समस्याएं भी अधिक देखने को मिलती हैं, जिसका संपूर्ण सेहत पर बहुत नकारात्मक असर हो सकता है।
वजन बढ़ने का खतरा
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि देर से सोने की आदत आपके आहार के समय को भी प्रभावित कर देती है, जिसका सीधा असर बढ़ते हुए वजन की समस्या के तौर पर देखने को मिलता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आप देर से सोते हैं तो इससे सुबह का नाश्ता छूटने की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा संपूर्ण आहार चक्र पर भी इसका असर हो सकता है, यह आदत वजन को प्रभावित कर सकती है, ऐसे लोगों में वजन बढ़ने-मोटापे की खतरा भी अधिक देखा जाता है जो कई प्रकार की बीमारियों के लिए प्रमुख जोखिम कारक है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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