दिनचर्या में गड़बड़ी ने हमारे सोने-जागने, खाने के समय को बदल दिया है। अक्सर देर रात में खाने की आदत आजकल लोगों में काफी आम हो गई है। पर क्या आप जानते हैं कि आपकी यह आदत शरीर के लिए कई प्रकार से मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है?
सेहत की बात: रात की ये गड़बड़ आदत बढ़ा सकती है मोटापे का खतरा, आप भी तो नहीं कर रहे ऐसी गलती?
वजन बढ़ने की हो सकती है समस्या
हार्वर्ड के वैज्ञानिकों द्वारा इस विषय में एक शोध करके जानने की कोशिश की गई कि आखिर रात में देर से खाने का शरीर के वजन पर किस प्रकार का असर होता है? इसमें पाया गया कि तय समय से चार घंटे बाद डिनर करने से हमारे भूख के स्तर में महत्वपूर्ण अंतर आता है। रात के समय मेटाबॉलिक दर स्वाभाविक तौर पर कम होती है जिससे भोजन का पाचन देर से हो पाता है। मेटाबॉलिज्म में होने वाली दिक्कतों के कारण वजन बढ़ना काफी सामान्य है।
प्रभावित हो सकते हैं भूख वाले हार्मोन्स
शोधकर्ताओं ने पाया कि देर से खाने का असर भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन्स (लेप्टिन और घ्रेलिन) पर भी पड़ता है, जो हमारे खाने की इच्छा और भूख को प्रभावित करते हैं। विशेष रूप से रात में देर से खाने की आदत का असर लेप्टिन हार्मोन के स्तर पर नकारात्मक रूप से देखा गया है, जो तृप्ति का संकेत करता है।
रात में देर से खाने से तृप्ति नहीं होती है, जिससे कैलोरी इंटेक बढ़ जाता है, जो मोटापे को बढ़ा सकती है।
रात में भोजन करने का सही समय क्या है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रात के खाने के बाद अगले मील तक 12 घंटे का गैप जरूर होना चाहिए। रात में 8-9 बजे के बीच भोजन कर लेना चाहिए, इससे अगले मील यानी कि सुबह के नाश्ते तक में 12 घंटे तक का गैप हो जाता है। 8-9 बजे भोजन और 10 बजे के पहले सोने से सर्केडियन रिदम भी ठीक रहती है। समय पर भोजन और नींद, लाइफस्टाइल से संबंधित कई प्रकार की समस्याओं को कम करने में मददगार हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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