Kidney Failure Symptoms: हमारे शरीर में किडनी सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। किडनी को हिंदी में गुर्दे कहा जाता है और शरीर में इसका काम एक फिल्टर की तरह होता है। ये खून से टॉक्सिन्स को छानकर बाहर निकालते हैं, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करते हैं और हड्डियों को स्वस्थ रखने वाले हार्मोन बनाते हैं। लेकिन जब गुर्दे अपनी क्षमता खो देते हैं, तो शरीर में विषाक्त पदार्थ और अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जिससे गुर्दे की विफलता जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो जाती है।
यह एक बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जिसके शुरुआती लक्षण अक्सर थकान या कमजोरी जैसी सामान्य बीमारियों से मिलते-जुलते होते हैं। इसी वजह से लोग इसे एक सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इसी लापरवाही के कारण स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इसलिए, शरीर में दिखने वाले हर छोटे-से-छोटे बदलाव पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। किडनी फेल होने का सबसे आम लक्षण है पैरों में दर्द होना, जिसके बारे में बहुत से लोगों को मालूम है। लेकिन पैर में दर्द होने के साथ किडनी फेल होने के और भी कई लक्षण होते हैं, आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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किडनी
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पैरों में दर्द होने के कारण
गुर्दे की विफलता का एक प्रमुख लक्षण पैर और टखनों में सूजन है, जिसके साथ दर्द भी हो सकता है। जब गुर्दे ठीक से काम नहीं करते, तो वे अतिरिक्त पानी और सोडियम को बाहर नहीं निकाल पाते। इससे यह तरल शरीर के निचले हिस्सों, खासकर पैरों और टखनों में, जमा हो जाता है, जिससे सूजन आ जाती है। यह सूजन दर्द और भारीपन का एहसास करा सकती है।
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कमजोरी
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लगातार थकान और कमजोरी
लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना भी एक गंभीर संकेत है। खराब गुर्दे पर्याप्त मात्रा में एरीथ्रोपोइटिन नामक हार्मोन नहीं बना पाते, जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए जरूरी होता है। इसकी कमी से शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया हो जाती है। एनीमिया के कारण शरीर के ऊतकों और मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे व्यक्ति हमेशा थका हुआ और कमजोर महसूस करता है, भले ही उसने आराम किया हो।
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किडनी
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त्वचा में खुजली और बदलाव
शरीर में विषाक्त पदार्थों के जमा होने से त्वचा में खुजली और बदलाव भी देखने को मिलते हैं। जब गुर्दे खून को फिल्टर नहीं कर पाते, तो ये अपशिष्ट पदार्थ खून में ही रह जाते हैं और त्वचा के नीचे जमा होने लगते हैं। इसके कारण पूरे शरीर में लगातार और असहनीय खुजली हो सकती है। कई बार त्वचा रूखी हो जाती है या उसका रंग पीला या भूरा-सा दिखने लगता है, जो गुर्दे की खराबी का संकेत हो सकता है।
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किडनी
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पेशाब की आदतों में बदलाव
पेशाब की आदतों में बदलाव भी एक स्पष्ट चेतावनी संकेत है। इसमें रात में बार-बार पेशाब आना, पेशाब की मात्रा में कमी या वृद्धि, या पेशाब में झाग आना (जो प्रोटीन की उपस्थिति का संकेत है) शामिल है। कुछ मामलों में पेशाब का रंग गहरा हो सकता है या उसमें खून भी आ सकता है। इन बदलावों का मतलब है कि गुर्दे अपना सामान्य फिल्टरिंग कार्य ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।