करवाचौथ का व्रत हिंदु धर्म में अधिकांश विवाहित महिलाएं करती हैं। लेकिन व्रत के दौरान कई महिलाएं अपनी सेहत का ख्याल रखना बिल्कुल भूल जाती हैं। आजकल की महिलाओं की दिनचर्या ही ऐसी है कि 40 की उम्र तक कोई न कोई बीमारी से याराना हो ही जाता है। डायबिटीज की समस्या जिसमें बहुत ही आम है। लेकिन घबराने वाली कोई बात नहीं है, डायबिटीज होने के बाद भी करवाचौथ का व्रत रखा जा सकता है लेकिन कुछ सावधानियों के साथ। व्रत के दौरान सबसे पहले आप की प्राथमिकता होना चाहिए सेहत, तभी खुशी- खुशी करवा चौथ मनाई जा सकती है। अगली स्लाइड्स के माध्यम से जानिये कि यदि आप डायबिटीज की मरीज हैं तो करवा चौथ के दौरान किन सावधानियों को बरतना है आपके लिए आवश्यक।
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करवा चौथ 2020: डायबिटीज के मरीज इन सावधानियों के साथ रखें व्रत
Wed, 04 Nov 2020 12:32 AM IST
तेजस्वी मेहता
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: तेजस्वी मेहता
Updated Wed, 04 Nov 2020 12:32 AM IST
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-कार्बोहाइड्रेट का करें सेवन
डायबिटीज के मरीजों के लिए जरूरी है कि वे अपनी सरगी के दौरान ऐसा भोजन ग्रहण करें, जिसमें कार्बोहाइड्रेट अधिक मात्रा में हो। वे पॉपकॉर्न, आलू, दूध आदि का सेवन कर सकते हैं। इनके सेवन से दिनभर इंसुलिन का स्तर नियंत्रण में रहेगा। साथ ही भरपेट खाना खाएं ताकि दिनभर भूखे रहने पर ब्लड शुगर लेवल में गिरावट न आये।
डायबिटीज के मरीजों के लिए जरूरी है कि वे अपनी सरगी के दौरान ऐसा भोजन ग्रहण करें, जिसमें कार्बोहाइड्रेट अधिक मात्रा में हो। वे पॉपकॉर्न, आलू, दूध आदि का सेवन कर सकते हैं। इनके सेवन से दिनभर इंसुलिन का स्तर नियंत्रण में रहेगा। साथ ही भरपेट खाना खाएं ताकि दिनभर भूखे रहने पर ब्लड शुगर लेवल में गिरावट न आये।
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-आहार में हो फाइबर
सरगी में ऐसे आहार को भी स्थान दें जिससे आपके शरीर को सही मात्रा में फाइबर मिल सके। बादाम, नाशपति, किसा हुआ नारियल, मटर आदि से अच्छी मात्रा में फाइबर मिलता है। इससे ब्लड शुगर लेवल का संतुलन बना रहता है, उतार-चढ़ाव की कोई संभावना नहीं रह जाती है। डायबिटीज के मरीज के लिए बिना फाइबर की सरगी समस्या उत्पन्न कर सकती है।
सरगी में ऐसे आहार को भी स्थान दें जिससे आपके शरीर को सही मात्रा में फाइबर मिल सके। बादाम, नाशपति, किसा हुआ नारियल, मटर आदि से अच्छी मात्रा में फाइबर मिलता है। इससे ब्लड शुगर लेवल का संतुलन बना रहता है, उतार-चढ़ाव की कोई संभावना नहीं रह जाती है। डायबिटीज के मरीज के लिए बिना फाइबर की सरगी समस्या उत्पन्न कर सकती है।
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मीठा खाकर खोलें व्रत
दिनभर के उपवास के बाद जब व्रत खोलने की बारी आये तो कुछ मीठा खाकर व्रत खोलें। इसके लिए मीठी मठरी एक बहुत अच्छा विकल्प हो सकता है। थोड़ा मीठा खाने के बाद जूस का सेवन करें ताकि शरीर में ऊर्जा बनी रहे और ब्लड शुगर लेवल भी सही रह सके। खाने में कुछ हल्का भोजन ही लें और कोशिश करें कि बहुत अधिक मात्रा में न खाएं।
दिनभर के उपवास के बाद जब व्रत खोलने की बारी आये तो कुछ मीठा खाकर व्रत खोलें। इसके लिए मीठी मठरी एक बहुत अच्छा विकल्प हो सकता है। थोड़ा मीठा खाने के बाद जूस का सेवन करें ताकि शरीर में ऊर्जा बनी रहे और ब्लड शुगर लेवल भी सही रह सके। खाने में कुछ हल्का भोजन ही लें और कोशिश करें कि बहुत अधिक मात्रा में न खाएं।
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स्वयं को व्यस्त रखें
दिनभर भूखे रहने से डायबिटीज के मरीज को बेचैनी हो सकती है, क्योंकि उसे इस तरह से पूरे दिन भूखे रहने की आदत नहीं है इसलिए स्वयं को ज्यादा से ज्यादा व्यस्त रखें ताकि ध्यान उस बेचैनी पर केंद्रित न हो पाये। खाली बैठने से और भूख, बैचेनी के बारे में सोचने से यह समस्या बढ़ सकती है।
दिनभर भूखे रहने से डायबिटीज के मरीज को बेचैनी हो सकती है, क्योंकि उसे इस तरह से पूरे दिन भूखे रहने की आदत नहीं है इसलिए स्वयं को ज्यादा से ज्यादा व्यस्त रखें ताकि ध्यान उस बेचैनी पर केंद्रित न हो पाये। खाली बैठने से और भूख, बैचेनी के बारे में सोचने से यह समस्या बढ़ सकती है।