कनाडा के पॉप स्टार सिंगर जस्टिन बीबर के चेहर का हिस्सा आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हो गया है। यह खबर उनके प्रशंसकों के लिए किसी सदमे से कम नहीं है। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि वह रामसे हंट सिंड्रोम नामक एक संक्रमण की चपेट में हैं। यह वायरस न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का कारक माना जाता है, इससे चेहरे की नसें प्रभावित हो सकती हैं।
Ramsay Hunt syndrome: इस बीमारी की चपेट में हैं जस्टिन बीबर, चिकनपॉक्स संक्रमण आप में भी बढ़ा देता है इसका खतरा
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रामसे हंट सिंड्रोम और इसके लक्षण
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि रामसे हंट सिंड्रोम की स्थिति चेहरे पर लकवा से लेकर स्थाई रूप से सुनने की क्षमता तक को प्रभावित करने वाली समस्याएं बढ़ा सकती है। इसलिए समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर इलाज कराने की सलाह दी जाती है। समय पर इलाज मिलने से जटिलताओं के जोखिम को कम किया जा सकता है। कुछ लोगों को इस स्थिति में कान में दर्द, बहरापन, कानों में बजने (टिनिटस), आंख बंद करने में कठिनाई, चक्कर आने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। हालांकि इस स्थिति में प्रमुख रूप से दो लक्षण देखने को मिलते हैं-
- कान में या उसके आसपास द्रव से भरे फफोले निकलना।
- चेहरे की मांसपेशियों में कमजोरी या लकवा।
क्यों होता है रामसे हंट सिंड्रोम?
विशेषज्ञ बताते हैं, रामसे हंट सिंड्रोम का जोखिम उन लोगों में अधिक होता है जिन्हें चिकनपॉक्स हुआ है। चिकनपॉक्स से ठीक होने के बाद भी कुछ लोगों में वायरस शरीर में रह जाता है। यह कुछ वर्षों में फिर से सक्रिय होकर द्रव से भरे फफोलों के साथ कुछ प्रकार के लक्षणों को बढ़ा सकता है। हालांकि यह स्थिति 60 साल के ऊपर के लोगों में अधिक देखी जाती रही है। बच्चों में इसके मामले काफी दुर्लभ रहे हैं। जिन लोगों को पहले से ही प्रतिरक्षा प्रणाली में कमजोरी की समस्या है, यह संक्रमण उन लोगों के लिए और भी गंभीर हो सकता है।
गंभीर स्थितियों में किस तरह की हो सकती हैं दिक्कतें?
रामसे हंट सिंड्रोम का समय पर इलाज न हो पाने या फिर आपमें पहले से ही इम्युनिटी की समस्या स्थिति को गंभीर भी बना सकती है। वैसे तो ज्यादातर लोगों में रामसे हंट सिंड्रोम के कारण होने वाली सुनने या चेहरे पर लकवा की समस्या कुछ दिनों में इलाज के बाद ठीक हो जाती है, हालांकि गंभीर स्थितियों में यह दिक्कत स्थाई रूप से बनी भी रह सकती है। इस संक्रमण की स्थिति में चेहरे की कमजोरी के कारण पलकें बंद करना भी मुश्किल हो जाता है। इस तरह की दिक्कत वाले लोगों में कॉर्निया के क्षतिग्रस्त होने का जोखिम भी बढ़ जाता है।
रामसे हंट सिंड्रोम का इलाज और बचाव
रामसे हंट सिंड्रोम का शीघ्र उपचार और निदान आवश्यक हो जाता है। इलाज के रूप में स्थति के आधार पर डॉक्टर्स एंटीवायरल दवाएं, कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स और एंटी-एंग्जाइटी दवाइयों को प्रयोग में ला सकते हैं। डॉक्टर्स बताते हैं कि लक्षण शुरू होने के 3 दिनों के भीतर उपचार शुरू कर दिया जाए है, तो ठीक होने की संभावना अधिक होती है।
इस संक्रमण से बचाव के लिए चिकनपॉक्स के लिए वैक्सीनेशन कराने को कारगर माना जाता है। एक अनुमान के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रत्येक एक लाख लोगों में से हर साल करीब पांच लोगों में रामसे हंट सिंड्रोम का निदान किया जाता है।
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स्रोत और संदर्भ:
Ramsay Hunt syndrome (herpes zoster oticus)
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