भारत और श्रीलंका के बीच जारी क्रिकेट श्रंखला के तीसरे और आखिरी टी-20 से विस्फोटक बल्लेबाज ईशान किशन को बाहर रखा गया है। असल में शनिवार को खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले के दौरान ईशान किशन को सिर में चोट लग गई थी। लहिरू कुमारा की धारदार बाउंसर का सामना करते समय ईशान के सिर में चोट लगी थी जिसके बाद उन्हें तुरंत आवश्यक स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया, फिलहाल वह स्वस्थ हैं लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें सीरीज के तीसरे मैच से बाहर रखा गया है।
Brain injury: सिर में चोट के कारण तीसरे T-20 से बाहर हुए ईशान, जानिए कितनी खतरनाक है इस तरह की चोट, किन बातों का रखें ध्यान?
सिर की चोट हो सकती है गंभीर
सिर पर अचानक झटका या चोट लगने के कारण ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी (टीबीआई) का खतरा होता है। इस तरह की चोट मस्तिष्क के सामान्य कामकाज को बाधित करने के साथ कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों का कारण बन सकती है। टीबीआई के कारण अचानक बेहोशी की समस्या हो सकती है। गंभीर स्थितियों में कोमा और मृत्यु भी हो सकती है। यही कारण है कि सिर में लगने वाली किसी भी तरह की चोट की तुरंत जांच कराना आवश्यक माना जाता है।
ऐसे लक्षणों पर दें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सिर में चोट के कारण कई स्थितियों में रक्त का थक्का बन सकता है। यदि किसी व्यक्ति को सिर में अचानक चोट लगने के बाद निम्नलिखित लक्षणों का अनुभव होता है, तो आपातकालीन चिकित्सा की आवश्यकता होती है।
- चोट के बाद सिर में बना रहने वाला दर्द जो समय के साथ बदतर होता जाता है।
- स्तब्ध महसूस होना, कमजोरी और समन्वय की कमी।
- उल्टी या मतली आना।
- बोलने में कठिनाई।
- चीजों का याद करने या लोगों को पहचानने में कठिनाई महसूस होना।
सिर के चोट का इलाज
सिर पर लगने वाले हल्के चोट में आमतौर पर ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक दवाओं से आराम मिल जाता है। हालांकि चोट के कारण खून निकलने या लक्षणों के बिगड़ने की स्थिति में अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होती है। मध्यम से गंभीर चोट के लिए आपातकालीन देखभाल की आवश्यकता होती है। शुरुआती स्थिति में पर्याप्त ऑक्सीजन और पर्याप्त रक्त की आपूर्ति बनाए रखने पर ध्यान दिया जाता है।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।