शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक भोजन करना जितना जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण खाना पकाने के लिए सही तेल का चुनाव करना भी है। रोजाना इस्तेमाल होने वाला कुकिंग ऑयल आपके हृदय स्वास्थ्य, कोलेस्ट्रॉल और शरीर में फैट के संतुलन को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में तेल खरीदते समय केवल स्वाद और कीमत ही नहीं, बल्कि उसमें मौजूद फैट के प्रकार और उसे इस्तेमाल करने के तरीके पर भी ध्यान देना चाहिए।
सेहत की बात: रोज खाने में करते हैं रिफाइंड तेल का इस्तेमाल तो जान लीजिए ये बातें, वरना पड़ सकता है पछताना
Cooking Oil: खाना पकाने के लिए आप किस तरह के तेल का इस्तेमाल करते हैं इससे कोलेस्ट्रॉल का स्तर और हृदय स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। रिफाइंड तेल को कई अध्ययनों में सेहत के लिए नुकसानदायक बताया गया है। सरसों, जैतून और सूरजमुखी के तेल का इस्तेमाल आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
तेलों का सही चयन क्यों जरूरी
जब खाना पकाने के तेल को गर्म किया जाता है तो वे धुएं के एक खास बिंदु तक पहुंच जाते हैं। इस स्थिति में तेलों का ब्रेकडाउन भी होने लगता है। इस स्थिति में ऑक्सीकरण होना शुरू हो जाता है जिससे इससे फ्री-रेडिकल्स रिलीज होने लगते हैं।
- इन यौगिकों के सेहत पर कई नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। तेलों के धुएं के बिंदु तक पहुंचने पर वे एक्रोलिन नामक पदार्थ छोड़ते हैं, जो जला हुआ स्वाद पैदा करता है। यह फेफड़ों से लेकर हृदय तक के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक हो सकता है।
क्या रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल हानिकारक है?
अध्ययनकर्ता कहते हैं, रिफाइनिंग प्रक्रिया के दौरान उच्च तापमान के कारण तेलों में मौजूद लाभकारी और प्राकृतिक तत्वों की मात्रा कम हो जाती है। वहीं इनके सेवन से ट्रांस फैट बढ़ सकता है जो बैड कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स और इंसुलिन के स्तर को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। ये सभी धमनियों के भीतर जमाव का कारण बनते हैं, जिससे हृदय की सेहत को क्षति पहुंचने का जोखिम रहता है।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक खाने के लिए हमेशा स्वस्थ तेलों का ही चयन किया जाना चाहिए। रिफाइंड तेलों की जगह प्राकृतिक तेलों का इस्तेमाल अधिक लाभकारी होता है।
किन तेलों का सेवन फायदेमंद?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सरसों-जैतून के तेल को लाभकारी मानते हैं, इनके धुआं की बिंदु का तापमान लगभग 350°F (176°C) होता है। ऑलिव ऑयल और सूरजमुखी के तेल को हृदय की सेहत को ठीक रखने और कोलेस्ट्रॉल के जोखिम को कम करने में लाभकारी माना जाता है।
- ऑलिव ऑयल, विटामिन-ई से भरपूर होता है, जो एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है।
- इस तेल में मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है जिसे अध्ययनों में एंटीकैंसर और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है।
- इसी तरह सरसों के तेल में भी मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है इसलिए इसे भी सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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