दुनियाभर में केले का सेवन तमाम प्रकार के स्वास्थ्य लाभ के लिए वर्षों से किया जाता रहा है। केला को बेहद सेहतमंद और स्वादिष्ट फल माना जाता है, इसमें कई आवश्यक पोषक तत्व होते हैं जो पाचन, हृदय स्वास्थ्य और वजन को नियंत्रित रखने में सहायक माने जाते हैं। केले में फाइबर की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है, यही कारण है कि पेट को ठीक बनाए रखने में इस फल के सेवन के फायदे हैं।
आज का हेल्थ टिप्स: रोजाना केला खाकर इन बीमारियों के जोखिम को कर सकते हैं कम, अध्ययन में दावा
डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद
डायबिटीज रोगी अक्सर फलों के चयन को लेकर परेशान रहते हैं। केला चूंकि स्वाद में मीठा होता है ऐसे में ज्यादातर लोग इस रोग में केला खाने से बचते हैं। हालांकि अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के मुताबिक मधुमेह रोगियों को केला खाना चाहिए क्योंकि इनमें फाइबर होता है। फाइबर का सेवन ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा साल 2018 की समीक्षा के आधार पर लेखकों ने निष्कर्ष निकाला कि उच्च फाइबर वाले आहार खाने से टाइप-2 मधुमेह का खतरा कम हो सकता है।
हृदय के लिए केला खाना फायदेमंद
अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि हृदय के तमाम रोगों से पीड़ित लोगों को केला का सेवन जरूर करना चाहिए। केला में विटामिन-सी, फाइबर, पोटेशियम, फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, ये सभी हृदय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। साल 2017 की समीक्षा में पाया गया कि जो लोग उच्च फाइबर वाले आहार का सेवन करते हैं, उनमें हृदय रोगों का जोखिम कम होता है। यह शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी सहायक है।
अस्थमा रोगियों के लिए लाभदायक
साल 2007 के एक अध्ययन से पता चलता है कि केला खाने से अस्थमा से पीड़ित बच्चों में घरघराहट को रोकने में मदद मिल सकती है। इसका एक कारण केले में एंटीऑक्सीडेंट और पोटैशियम की मात्रा हो सकती है हालांकि, इन निष्कर्षों की पुष्टि के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है।
पाचन को मिलती है मजबूती
केला में पानी और फाइबर होते हैं, ये दोनों पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं। एक मध्यम आकार का केला खाने से दैनिक फाइबर की जरूरत का लगभग 10% प्राप्त किया जा सकता है। केले में फाइबर की मात्रा अधिक होने के कारण ही दस्त वाले रोगियों को इसके सेवन की सलाह दी जाती है। साल 2012 के एक अध्ययन के अनुसार, उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीडी) वाले लोगों में सूजन, गैस और पेट में ऐंठन की समस्या को कम करने में फायेदमंद होता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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