कोरोनाकाल में पिछले एक वर्ष से अधिक समय से हम देख रहे हैं कि नर्स मरीजों को ठीक करने में अपना दिन-रात एक कर रही हैं। यदि दुनिया में नर्सिंग का पेशा न होता तो आज इस महामारी में हम सभी का जीवन और भी संकट में होता। आज नर्से कई सारी जानों को बचा रही हैं, कई सारे लोगों के लिए उम्मीद की किरण हैं। नर्सों का भी अपना परिवार होता है लेकिन वे काम को लेकर इतनी कर्तव्यनिष्ठ होती हैं कि वे अन्य किसी चीज की परवाह नहीं करती हैं। भारत में नर्सों को सिस्टर का भी संबोधन दिया जाता है। अगली स्लाइड्स से जानिए अंतरराष्ट्रीय दिवस का इतिहास, विषय एवं इससे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातें।
International Nurses Day 2021: जानिए अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस का इतिहास, विषय एवं अन्य महत्वपूर्ण बातें
अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस का इतिहास
12 मई को फेलोरिंस नाइटिंगेल का जन्म हुआ था, जो कि आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक थीं। यह एक वजह है कि इनके जन्मदिवस के अवसर पर इस दिन को मनाने का निर्णय लिया गया। जनवरी 1974 में, इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स द्वारा अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाने की घोषणा की गई। इस दौरान इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स द्वारा नर्सों को किट भी बांटी जाती है इसमें उनके काम आने वाली सामग्री होती है।
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाने का उद्देश्य
नर्स अपने पूरे ज्ञान, अनुभव और मेहनत से एक मरीज की देखभाल करती हैं। नर्सों के बिना स्वास्थ्य सेवाएं अधूरी है। रोगियों की देखभाल करना इतना आसान नहीं होता है इसलिए नर्सों को इसके लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। अक्सर डॉक्टरों के आगे नर्सों को इतना महत्व नहीं दिया जाता है लेकिन किसी भी मरीज के स्वस्थ होने में नर्सों का जो योगदान है, उसे हम भूल नहीं सकते हैं। नर्सों के काम को समझना, समाज में अधिक लोगों को इस पेशे के लिए प्रोत्साहित करना और सम्मान देना इस दिन का मुख्या उद्देश्य है।
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस 2021 का विषय
प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के लिए एक विषय तय किया जाता है। इस वर्ष का विषय 'नेतृत्व के लिए एक आवाज: भविष्य के स्वास्थ्य के लिए दृष्टि' रखा गया है। इस विषय के आधार भविष्य में नर्सों का स्वास्थ्य सेवा में महत्व और नेतृत्व को लेकर काम किया जाएगा। कई सारे अस्पतालों में इस विषय पर चर्चाओं का आयोजन भी किया जा रहा है।
इस तरह मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर विभिन्न अस्पतालों में नर्सों को उनके काम के लिए धन्यवाद प्रेषित किया जाता है। कई जगहों पर नर्सों के अदुभुत कार्य के लिए उन्हें सम्मानित किया जाता है। पिछले साल की तरह ही इस बार अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर ऑनलाइन कार्यक्रम होंगे। कई कार्यक्रमों में नर्स अपने कोरोनाकाल से जुड़े अनुभव भी साझा करेंगी। स्वास्थ्य पर आधारित स्वस्थ परिचर्चाओं का आयोजन होगा।