Intermittent Fasting Side Effects: वजन घटाने और फिटनेस की दुनिया में 'इंटरमिटेंट फास्टिंग' आज के समय का सबसे लोकप्रिय डाइट ट्रेंड बना हुआ है। इसमें व्यक्ति एक निश्चित समय (जैसे 16:8 नियम) के लिए उपवास रखता है और बाकी समय भोजन करता है। हालांकि कुछ शोध में ये सामने आया है कि बिना डॉक्टरी सलाह और अधूरी जानकारी के इसे अपनाना शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
Intermittent Fasting: इंटरमिटेंट फास्टिंग का क्रेज कहीं सेहत पर न पड़ जाए भारी, जान लें इसके साइड इफेक्ट्स
Intermittent Fasting Ke Nuksan: इन दिनों इंटरमिटेंट फास्टिंग का क्रेज तेजी से बढ़ता जा रहा है। बहुत से लोग एक दूसरे को देखकर ये फास्टिंग करना शुरू कर देते हैं, मगर ये आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर असर
इंटरमिटेंट फास्टिंग का सबसे पहला और गहरा असर हमारे दिमाग और हार्मोन्स पर पड़ता है। लंबे समय तक भूखा रहने से शरीर में 'कोर्टिसोल' (स्ट्रेस हार्मोन) का लेवल बढ़ सकता है, जिससे तनाव और नींद न आने की समस्या पैदा होती है।
ये भी पढ़ें- Snoring In Kids: छोटे बच्चों का खर्राटा लेना सामान्य नहीं, डॉक्टर ने बताया इसके पीछे के मूल कारण
महिलाओं में इंटरमिटेंट फास्टिंग का असर
महिलाओं में यह विशेष रूप से खतरनाक है क्योंकि यह उनके मासिक धर्म चक्र को बाधित कर सकता है। इसके अलावा शुगर लेवल में बार-बार होने वाले उतार-चढ़ाव होने से व्यक्ति को दिनभर चिड़चिड़ापन, धुंधलापन और एकाग्रता में कमी महसूस हो सकती है।
मांसपेशियों का नुकसान और पोषक तत्वों की कमी
इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान अक्सर लोग सिर्फ फैट ही नहीं, बल्कि मांसपेशियों को भी धीरे धीरे खोने लगते हैं। जब शरीर को पर्याप्त समय तक पोषण नहीं मिलता, तो वह ऊर्जा के लिए मांसपेशियों को तोड़ना शुरू कर देता है। अगर आपकी डाइट में प्रोटीन की सही मात्रा नहीं है, तो वजन तो कम होगा लेकिन शरीर में कमजोरी और ढीलापन आ जाएगा। साथ ही, भोजन की सीमित अवधि के कारण शरीर को विटामिन और मिनरल्स जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते।
विशेषज्ञ की सलाह है जरूरी
इंटरमिटेंट फास्टिंग हर किसी के शरीर के लिए उपयुक्त नहीं है। टाइप-1 डायबिटीज, लो ब्लड प्रेशर और ईटिंग डिसऑर्डर के शिकार लोगों को इससे पूरी तरह बचना चाहिए। अगर आप इसे शुरू करना चाहते हैं, तो शरीर को अचानक झटके देने के बजाय धीरे-धीरे बदलाव करें और पर्याप्त पानी का सेवन करें।
किसी योग्य डायटीशियन या डॉक्टर से परामर्श लेकर ही अपना डाइट चार्ट तैयार करें। ध्यान रखें फिटनेस का मतलब केवल पतला होना नहीं, बल्कि शरीर का अंदरूनी रूप से मजबूत और संतुलित होना है।
स्रोत और संदर्भ
Should you try intermittent fasting for weight loss?
Nutrition and healthy eating
Intermittent Fasting
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।