पेट से संबंधित कोई भी समस्या का प्रभाव पूरे शरीर पर देखा जा सकता है। इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (आईबीडी) पाचन से संबंधित ऐसी ही एक बीमारी है जो कई प्रकार की समस्याओं को जन्म दे सकती है। इस बीमारी के कारण पाचन तंत्र में दीर्घकालिक सूजन की समस्या हो सकती है। जिन लोगों को (आईबीडी) की बीमारी होती है उनमें सामान्यतौर पर थकान, दस्त, ऐंठन, पेट में दर्द और पाचन से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। बीएमजे मेडिकल जर्नल में छपे इसी से संबंधित हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि आहार में बहलाव करके इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज की समस्या से आसानी से बचा जा सकता है।
इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज: पाचन संबंधी इस समस्या से बचाव के लिए जानिए क्या खाएं- क्या नहीं?
इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज के क्या लक्षण हो सकते हैं?
डॉक्टरों के मुताबिक सूजन के स्थान और गंभीरता के आधार पर इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं।
- दस्त की समस्या
- मल से रक्त आना (इस स्थिति को हेमाटोचेजिया के नाम से भी जाना जाता है)
- ठीक से शौच न होने के कारण पेट में दर्द और ऐंठन।
- वजन घटाना या एनीमिया
यदि आप शौच की सामान्य आदतों में लगातार परिवर्तन का अनुभव करते हैं और इनमें से कोई भी लक्षण नजर आ रहा है तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। वैसे तो आईबीडी की समस्या घातक नहीं होती हालांकि यह बीमारी शरीर में कई तरह की दिक्कतें जरूर पैदा कर सकती है।
इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज क्यों होती है?
इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज के सटीक कारणों के बारे में विशेषज्ञों के ज्यादा जानकारी नहीं है। डॉक्टर कहते हैं, माना जाता रहा है कि आहार और तनाव ऐसी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। प्रतिरक्षा प्रणाली में दिक्कतों को भी इसके संभावित कारण के रूप में देखा जा सकता है। आईबीडी उन लोगों में बहुत आम है जिन लोगों के परिवार में किसी को पहले से ही इस तरह की समस्या रह चुकी है। हालिया अध्ययन में बताया गया है कि आहार में कुछ बदलाव करके इस समस्या से सुरक्षित रहा जा सकता है। आइए इस बारे में जानते हैं।
इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज से बचने के लिए क्या खाएं?
अध्ययन में विशेषज्ञ बताते हैं कि जिन लोगों को इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज की समस्या हो या होने का खतरा हो, उन लोगों को लो-फैट वाले डेयरी उत्पादों का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा ऐसे लोगों के लिए अंडे का सेवन फायदेमंद माना जाता है। अंडे, आपके प्रोटीन की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा कर देते हैं, इनसे वसा का भी खतरा कम होता है। इसके अलावा आईबीडी में चिकन का सेवन भी लाभदायक हो सकता है।
इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज में किन चीजों से करें परहेज
अध्ययन के मुताबिक आईबीडी से सुरक्षित रहने के लिए उन खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए जिनमें वसा की मात्रा अधिक हो। पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए रेड मीट का सेवन कम करें। इतना ही नहीं ऐसे रोगियों को हाई फाइबर वाली डाइट से भी बचना चाहिए। इसके अलावा ऐसे रोगियों को अधिक कैल्शियम वाले खाद्य पदार्थों का सेवन भी नहीं करना चाहिए क्योंकि यह स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं। डेयरी उत्पादों के सेवन के समय अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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स्रोत और संदर्भ:
Ultra-processed food linked to higher risk of IBD
अस्वीकरण नोट: यह लेख बीएमजे मेडिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें।