Hand Wash OCD: बच्चों को बचपन से अच्छी आदतों की शिक्षा दी जाती है और सिखाया जाता है कि बाहर से आने के बाद खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह से धोएं। यही नहीं, वॉशरूम से आने के बाद भी हर कोई हाथ धोता है। अगर आप खांस रहे हैं या फिर छींक रहे हैं तो हाथ धोना सही होता है। यहां तक की जब कोरोना आया तो आप बिना हाथ धोए कुछ भी नहीं करते थे। हालांकि, अब परिस्थितियां बेहतर हो गई हैं। अगर आप बगैर किसी कारण के भी हाथ धो रहे हैं और यह आपकी आदत में शुमार हो गया तो यह चिंता का कारण बन सकती हैं। चलिए आपको इसके पीछे का कारण बताते हैं।
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बिना किसी कारण के ही बार-बार हाथ धोते हैं आप
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बार-बार हाथ धोना नहीं है सही
अगर आप किसी काम को करने से पहले या बाद में भी बार-बार हाथ धोते हैं तो यह आदत बिल्कुल भी सही नहीं है। बार-बार हाथ धोने से आपके हाथों की सेहत खराब हो सकती है। यह आपके हाथों की नमी को खत्म कर सकती है। आप बार-बार हाथ धोने के लिए साबुन या हैंडवॉश का इस्तेमाल करते हैं तो यह आपके हाथों की स्किन को रूखी बना देती है, जिससे बाद में वह फटने लगती है।
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बिना किसी कारण के ही बार-बार हाथ धोते हैं आप
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क्यों बार-बार हाथ धोते हैं लोग?
जिन लोगों की स्किन सेंसिटिव होती है, अगर वह लोग बार-बार हाथ धोते हैं तो उनके हाथों में जलन होने लगती है। यही नहीं, जो लोग बार-बार हाथ धोते हैं उन्हें ओसीडी यानी ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर होता है। ऐसे में उन्हें बार-बार हाथ साफ रखने की आदत होती है। अगर आपकी भी यह आदत नहीं छूट रही है तो आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।
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जानें यह सेहत के लिए कितना है सही
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क्यों होती है ये समस्या?
इसमें फोन-इंटरनेट से उनका कार्य जुड़ा होने वाले लोगों में तनाव और कार्य का दबाव के चलते ये स्थिति बनती है। बाकी लोगों में इंटरनेट एडिक्शन की वजह से ये विकार पनपता है। इनमें मरीजों की संख्या 20-25 साल की उम्र से शुरू हो जाती है।
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क्या है उपाय?
अगर आपको भी बार-बार हाथ धोने की आदत है तो आप हाथ धोने के बाद मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं। इससे आपके हाथों की नमी हमेशा बरकरार रहती हैं और वह रूखेपन से बच जाते हैं। अगर बिना किसी बात के ही आपका हाथ धोने का मन करता है तो आप इसके लिए डॉक्टर से भी कंसल्ट कर सकते हैं। हाथ धोना अच्छी आदत है, लेकिन इसकी अति हो जाती है तो यह सेहत पर बुरा प्रभाव भी छोड़ सकता है। ऐसे में हर चीज के बीच संतुलन बनाए रखना बहुत ही जरूरी है।
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