दिवाली जा चुकी है और छठ पूजा का पर्व भी समाप्त हो चुका है। उत्सवों और त्योहारों के बीच एक बार फिर देश में कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। दिल्ली में कोरोना के रोजाना हजारों मामले सामने आ रहे हैं, मुंबई के हाल भी ठीक नहीं हैं और अन्य राज्यों में भी कोरोना के मामले बढ़ ही रहे हैं।
मार्च से लगे देशव्यापी लॉकडाउन के चलते हम कोरोना के प्रति जितना सतर्क हुए थे, उतने अब नहीं हैं। लगातार यात्रा, मास्क, सामाजिक दूरी के नियम प्रचार भर रह गए हैं।
बिहार चुनाव, नवरात्रि, दशहरा, दिवाली, छठ पूजा जैसे आयोजनों ने कोरोना की गाइडलाइन को दरकिनार ही किया है। त्योहारों में लोग एक दूसरे से मिले हैं, भीड़ भरे बाजारों से खरीदारी की है और यात्राएं भी की हैं। ऐसे मेें कोरोना के प्रति लापरवाही के नतीजे लगातार बढ़ते मामलों के रूप में नजर आ रहे हैं। आइए जानते हैं, क्या है ‘15 दिन का गोल्डन नियम’ और किस तरह बचा सकता है यह हमें कोरोना के संक्रमण से।
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15 दिन का गोल्डन नियम
कोरोना से खुद की और अपने परिवार की सुरक्षा करने का एकमात्र उपाय है ‘15 दिन का गोल्डन नियम'। कोरोना संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए बहुत जरूरी है कि 15 दिनों तक उन सभी सावधानियों को सख्ती से अपने जीवन में शामिल करें जिनसे मार्च- अप्रेल में हमारा परिचय हुआ था। आवश्यकता पड़ने पर 15 दिन के लिए सामाजिक भीड़ से स्वयं को अलग कर लें।
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सामाजिक दूरी
कोरोना संक्रमण से बचने का सबसे सशक्त उपाय है सामाजिक दूरी। सामाजिक दूरी को पालन करते वक्त भेदभाव न करें। चाहे सामने वाला व्यक्ति अपना हो या पराया, 6 फीट की दूरी सभी से रखें।
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मास्क
आने वाले 15 दिन मास्क लगाएं तो याद रखें कि घर के बाहर किसी भी कीमत पर यह मास्क नहीं हटेगा। मास्क यदि मुंह पर लगा है और नाक ढकी हुई नहीं है तो मास्क लगाने का कोई औचित्य नहीं है इसलिए मास्क को पूरे समय सही ढंग से लगाएं।
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गुनगुना पानी
अब तो वैसे भी सर्दी का मौसम आ चुका है। आसानी से पूरे दिन गुनगुना पानी पी सकते हैं इसलिए कोशिश करें कि दिनभर में कम से कम 2-3 बार तो गुनगुने पानी का ही सेवन करें।