भारत में योग का इतिहास बड़ा प्राचीन और समृद्ध रहा है। सदियों से दिनचर्या में योगासनों को शामिल करके इससे लाभ प्राप्त किए जाते रहे हैं। योग न सिर्फ मानसिक रूप से शांति देने वाले अभ्यास हैं, साथ ही कई तरह की शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में भी योगासनों के अभ्यास को लाभकारी पाया गया है। अध्ययन बताते हैं कि योगाभ्यास को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर आप कम से कम 20 बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं।
International Yoga Day 2022: नियमित योगासनों की आदत करीब 20 बीमारियों के जोखिम को कर देती है कम
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रक्तचाप और मोटापा को कम करने में कारगर हैं योग
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा समय में सबसे ज्यादा परेशान करने वाली 20 से अधिक बीमारियों के कारण पर गौर करें तो इसके लिए बढ़े हुए रक्तचाप और मोटापा को प्रमुख कारक के तौर पर माना जा सकता है। दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक हृदय रोगों से लेकर साइलेंट किलर डायबिटीज तक के लिए यह दोनों ही स्थितियां प्रमुख जोखिम कारक रही हैं।
योग की आदत बनाकर इसके खतरे को कम किया जा सकता है। शोध बताते हैं कि नियमित योगासनों का अभ्यास करने वाले लोगों में अन्य लोगों की तुलना में मोटापे का खतरा कम होता है।
रक्तचाप का कम हो सकता है खतरा
साल 2011 में योग से रक्तचाप को जोखिम को कम करने वाले प्रभावों के बारे में जानने के लिए अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं ने हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को दो समूह में बांटा। एक समूह को 12-सप्ताह के लिए दिनर्या में योगासनों के शामिल करने की सलाह दी गई जबकि दूसरे समूह के आहार में परिवर्तन किया गया।
शोधकर्तओं ने निष्कर्ष में पाया कि योग करने वाले समूह के लोगों में सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप में काफी सुधार आ गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि रक्तचाप को कंट्रोल में रखकर आप कई गंभीर रोगों के खतरे को कम कर सकते हैं।
मेडिटेशन से मानसिक स्वास्थ्य को लाभ
मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं मौजूदा समय में बढ़ती गंभीर बीमारियों से एक है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिनचर्या में योगाभ्यास को शामिल करके आप मानसिक स्वास्थ्य को लाभ पहुंचा सकते हैं। कुछ शोध इंगित करते हैं कि मेडिटेशन रक्तचाप को कम करके तनाव-चिंता विकारों को कंट्रोल करने में सहायक है जिसके कारण भविष्य में अवसाद जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
जीवन की गुणवत्ता और अवधि पर असर
बीमारियों के जोखिम को कम करने के साथ योगासनों के अभ्यास की आदत आपके जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार कर सकती है। जीवन प्रत्याशा को बढ़ाने में भी इसके अच्छे परिणाम देखे गए हैं। अनुसंधान से पता चला है कि योग अभ्यास आपको रोग मुक्त रखकर दीर्घायु बनाने में सहायता कर सकते है। सुखद जीवन के लिए सभी लोगों को योगासनों को दिनचर्या में जरूर शामिल करना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।