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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने सेहत को बुरी तरह से प्रभावित किया। दूसरी लहर के मुख्य कारण माने जा रहे कोरोना के डेल्टा वैरिएंट ने हृदय और फेफड़ों सहित शरीर के कई अंगों को गंभीर क्षति पहुंचाई। यही कारण है कि कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में भी हृदय रोग के मामले देखे जा रहे हैं और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक हृदय रोग दुनियाभर में मौत के प्रमुख कारणों में से एक है, कोविड के बाद इसकी जटिलताएं और अधिक बढ़ गई हैं। हृदय रोगों के खतरे के बारे में लोगों को सचेत और जागरूक करने के लिए हर साल 29 सितंबर को 'वर्ल्ड हार्ट डे' के रूप में मनाया जाता है।
हाल ही में हुए तमाम अध्ययनों में पाया गया है कि कोविड-19, शरीर में रक्त के थक्के बनने की समस्या को बढ़ा देता है, यह स्थिति हृदय के लिए नुकसानदायक हो सकती है। यही कारण है कि संक्रमण से ठीक होने के महीनों बाद भी लोगों में हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बना रहता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड-19 के ठीक होने के बाद भी लोगों को हृदय को स्वस्थ रखने वाले उपाय करते रहने चाहिए, आइए इस बारे में आगे की स्लाइडों में विस्तार से जानते हैं।
World heart day 2021: कोरोना के कारण बढ़ गए हैं हृदय रोग के मामले, जानिए कैसे बनाएं हृदय को दोबारा से स्वस्थ
कोविड-19 और हृदय रोगों का खतरा
अमर उजाला से बातचीत में डॉ नित्यानंद त्रिपाठी (कार्डियोलॉजिस्ट, उजाला सिग्नस सोनिया हॉस्पिटल नांगलोई) बताते हैं, कोरोना वायरस सबसे अधिक फेफड़ों को प्रभावित करता है, फेफड़ों को होने वाली क्षति के कारण हृदय की मांसपेशियों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है। यह स्थिति हृदय के ऊतकों को क्षति पहुंचा सकती है, जो कई प्रकार के रोगों का कारण बनती है।
कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति में हृदय की रक्त को पंप करने की क्षमता पर भी असर पड़ता है, जो हृदय की गति में अनियमितता की समस्या उत्पन्न कर सकती है। हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि कोविड-19 के कारण रक्त के थक्के बनने लगते हैं जिससे भी हृदय रोगों का खतरा बढ़ गया है। संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है।
स्वस्थ और पौष्टिक आहार का सेवन आवश्यक
कोविड-19 के ठीक होने के बाद सभी लोगों को स्वस्थ और संतुलित आहार का सेवन करना जरूरी है। बीमारी के बाद रिकवरी और हृदय के कार्यों को दोबारा से बेहतर बनाने में आहार की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के सुझावों के मुताबिक हृदय को स्वस्थ रखने के लिए फल, सब्जियां, साबुत अनाज, फलियां और नट्स का सेवन करना सभी के लिए आवश्यक होता है। प्रोसेस्ड फूड जैसे चिप्स, डिब्बाबंद उत्पादों से पहरेज करें।
शारीरिक रूप से सक्रिय रहें
कोविड-19 से ठीक होने के बाद कुछ समय तक वैसे तो कठिन व्यायाम न करने की सलाह दी जाती है, हालांकि आपके लिए शारीरिक रूप से सक्रिय रहना आवश्यक है। समय के साथ शारीरिक गतिविधि शुरू करके धीरे-धीरे इसे बढ़ा सकते हैं। हल्के व्यायाम और योग आपकी सहनशक्ति बढ़ने और हृदय के कार्यों को दोबारा से बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए आप वॉकिंग, उचित योगासन और प्राणायाम कर सकते हैं।
शराब और धूम्रपान को कहें न
कोविड-19 से ठीक होने के बाद सभी लोगों को तंबाकू और शराब से बिल्कुल दूरी बना लेनी चाहिए। ऊपर से यदि आप हृदय रोग से पीड़ित हैं, तो यह और भी आवश्यक हो जाता है। शराब के सेवन से आपमें हृदय रोगों की आशंका बढ़ सकती है, वहीं सिगरेट में मौजूद हानिकारक विषाक्त पदार्थ हृदय और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। शराब और धूम्रपान आपकी कोविड-19 से रिकवरी को भी प्रभावित कर सकते हैं।
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नोट: यह लेख डॉ नित्यानंद त्रिपाठी (कार्डियोलॉजिस्ट, उजाला सिग्नस सोनिया हॉस्पिटल नांगलोई) के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।
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