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कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाला है। मौजूदा समय की बात करें तो कोविड-19 के मामलों में तेजी से गिरावट देखी जा रही है, देश एक बार फिर से सामान्य स्थिति में लौट रहा है। हालांकि इन सबके बीच कोरोना का डेल्टा वेरिएंट और संभावित तीसरे लहर की खबरें लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। रिपोर्टस के मुताबिक कोरोना का डेल्टा वेरिएंट नए म्यूटेशन के साथ अब डेल्ट प्लस में बदल चुका है, जिसे और भी घातक माना जा रहा है। इतना ही नहीं मध्य प्रदेश में डेल्टा प्लस वेरिएंट के करीब सात मामलों का पता चला है, जिनमें से दो रोगियों की मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा, महाराष्ट्र और केरल राज्य भी इस घातक वेरिएंट की चपेट में हैं।
भारत के साथ दुनिया के तमाम देशों में डेल्टा वेरिएंट और इसके अन्य रूप कहर मचा रहे हैं। कोरोना के इस घातक रूप के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच लोगों में काफी डर का माहौल देखा जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि बचाव और वैक्सीनेशन ही डेल्टा प्लस वेरिएंट से बचाव के दो सबसे प्रभावी उपाय हो सकते हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
डेल्टा प्लस वेरिएंट: विशेषज्ञ ने बताए बचाव को दो सबसे कारगर उपाय, आप भी जानिए
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क्यों ज्यादा चिंताकारक है डेल्टा प्लस वेरिएंट?
डेल्टा प्लस वेरिएंट की प्रकृति को देखते हुए हाल ही में सरकार ने आधिकारिक तौर पर इसे 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' घोषित कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, कोविड के इस नए वेरिएंट में तीन चीजें ऐसी हैं जो इसे पिछले वेरिएंट की तुलना में अधिक खतरनाक और चिंताजनक बनाती हैं।
- यह वेरिएंट पहले की तुलना में अधिक संक्रामक है।
- फेफड़े की कोशिकाओं के रिसेप्टर्स के साथ यह मजबूती से अटैच हो सकता है।
- मोनोक्लोनल एंटीबॉडी प्रतिक्रिया को कम कर सकता है।
आपकी सुरक्षा-आपके हाथ
अमर उजाला से बातचीत में कोविड ट्रैकिंग प्रभारी डॉ अनिल डोंगरे कहते हैं, 'कोरोना की दूसरी लहर को थमता देख देश अब फिर से अनलॉक हो रहा है ऐसे में लोगों की सुरक्षा उनके अपने हाथों में है। कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय है- कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करना और वैक्सीनेशन कराना। देश में सिर्फ कोरोना के मामले कम हुए हैं, वायरस गया नहीं है, इस बात को ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को कोविड से बचाव के नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए।
डबल मास्किंग से मिलेगी ज्यादा सुरक्षा
यह देखते हुए कि डेल्टा प्लस वेरिएंट अधिक संक्रामक है और पिछले वेरिएंट्स की तुलना में तेजी से फैलता है, सभी लोगों को लिए मास्क लगाकर रखना और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते रहना बहुत जरूरी है। डबल मास्क लगाना ज्यादा बेहतर हो सकता है, खासकर जब आप बाहर और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर हों। इसके अलावा अपने हाथों को नियमित रूप से धोएं या सेनेटाइज करें।
डॉ अनिल बताते हैं कि डेल्टा प्लस वेरिएंट के ज्यादा खतरनाक होने का डर नहीं है क्योंकि देश में लोगों का तेजी से वैक्सीनेशन किया जा रहा है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि कोविड के टीके डेल्टा वेरिएंट सहित नए वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी साबित हो सकते हैं, इस बारे में और विस्तार से अध्ययन किया जा रहा है। फिलहाल, वैक्सीनेशन करा चुके लोगों को इससे काफी हद तक सुरक्षित माना जा सकता है, यदि किसी ने अब तक कोरोना के टीके नहीं लिए हैं तो उन्हें तुरंत इसे लगवा लेना चाहिए।
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नोट: यह लेख इंदौर में कोविड ट्रैकिंग प्रभारी, डॉ अनिल डोंगरे से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।