काम के दबाव, सामाजिक-पारिवारिक कारणों के चलते तनाव या चिंतित महसूस करना सामान्य है। हालांकि यह समस्या अगर आपको लगातर बनी रहती है और इसके चलते आपके दैनिक कार्यों पर प्रभाव पड़ता है, तो इस बारे में सावधान हो जाने की जरूरत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के बाद चीजों को लेकर लोगों के मन में अनिश्चितता के कारण मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के मामले बढ़े हैं। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 10 अक्टूबर को 'वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे' के रूप में मनाया जाता है।
आज का हेल्थ टिप्स: मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए आहार में शामिल कीजिए यह चार चीजें
पौष्टिक आहार का सेवन करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने से लेकर मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में पौष्टिक आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। तमाम प्रकार की मानसिक समस्याओं से बचे रहने के लिए दैनिक आहार में हरी सब्जियों, फल, साबुत अनाज,प्रोटीन, ओमेगा-3 जैसे पोषक तत्वों को शामिल करना आवश्यक होता है। चिंता, अवसाद जैसी समस्याओं से बचे रहने के लिए सभी लोगों को शराब-धूम्रपान से परहेज करना चाहिए।
साबुत अनाज का सेवन करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए सेम, सोया, जई जैसे साबुत अनाज का सेवन जरूर करना चाहिए। साबुत अनाज मस्तिष्क को ट्रिप्टोफैन को अवशोषित करने में मदद करते हैं। ओट्स, चीज, नट्स जैसे आहार को ट्रिप्टोफैन का अच्छा स्रोत माना जाता है। ट्रिप्टोफैन यौगिक, मस्तिष्क के कार्य को बढ़ाते हुए अवसाद और चिंता के लक्षणों को कम करने में सहायक होते हैं।
मस्तिष्क के लिए पालक के फायदे
पालक और अन्य पत्तेदार साग, मस्तिष्क को पर्याप्त मात्रा में फोलिक एसिड प्रदान करते हैं, जिससे अवसाद और चिंता जैसी समस्याओं का जोखिम कम हो जाता है। अनिद्रा से लड़ने और तमाम तरह के मानसिक विकारों के खतरे को कम करने में भी पालक खाना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि वृद्धावस्था में डेमेंशिया के खतरे को कम करने में पालक का सेवन फायदेमंद हो सकता है।
दही को प्रोबायोटिक्स के साथ कई प्रकार के विटामिन्स का उत्कृष्ट स्रोत माना जाता है। पाचन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को कम करने के साथ प्रोबायोटिक्स, तनाव और चिंता जैसे विकारों को कम करने में भूमिका निभाता है। दही के सेवन से पोटेशियम और मैग्नीशियम भी प्राप्त किया जा सकता है जो ऑक्सीजन को मस्तिष्क तक पहुंचने में मदद करता है और इसके कार्य करने की क्षमता में सुधार करता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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