डायबिटीज वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, इसमें भी टाइप-2 डायबिटीज के मामले सबसे अधिक देखे जाते हैं। भारत में ढाई करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज की समस्या के शिकार हैं, साल-दर साल यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। डायबिटीज भले ही रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने की समस्या हो पर इसका असर पूरे शरीर पर हो सकता है। किडनी, आंखों, लिवर और प्रतिरक्षा प्रणाली से संबंधित समस्याएं डायबिटीज रोगियों में काफी सामान्य मानी जाती हैं। डायबिटीज का कोई इलाज नहीं है, इसके लक्षणों को प्रबंधित करने के लिए रोगियों की स्थिति के आधार पर दवाइयां और इंसुलिन के इंजेक्शन दिए जाते हैं।
World Diabetes Day: डायबिटीज में कर लें ये उपाय तो नहीं पड़ेगी इंसुलिन की जरूरत, गंभीर समस्याओं का भी खतरा कम
कैसे काम करती है इंसुलिन इंजेक्शन
यहां यह जान लेना जरूरी है कि आखिर इंसुलिन इंजेक्शन किस प्रकार से डायबिटीज को कंट्रोल में रखने में आपके लिए सहायक है? मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ वसीम गौहरी बताते हैं, इंसुलिन रक्त शर्करा को शरीर की कोशिकाओं में प्रवेश करने में मदद करती है ताकि इसका उपयोग ऊर्जा के लिए किया जा सके। इंसुलिन, लिवर को रक्त शर्करा को स्टोर करने के लिए भी संकेत देती है, जिससे इसका बाद में भी इस्तेमाल किया जा सके।
डायबिटीज रोगियों में चूंकि इस हार्मोन का उत्पादन प्रभावित हो जाता है, ऐसे में बाहर से इंजेक्शन के रूप में इंसुलिन देकर इस कार्य को व्यवस्थित किया जाता है। आइए जानते हैं कि बिना इंसुलिन इंजेक्शन के भी शुगर को कैसे कंट्रोल किया जा सकता है?
जीवनशैली को रखें ठीक
टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों को ऐसी जीवनशैली का पालन करते रहने की सलाह दी जाती है जो ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल करने में आपके लिए मददगार हो। इसके लिए शारीरिक सक्रियता, आहार, व्यायाम और अच्छी नींद बहुत आवश्यक है। मधुमेह रोगियों के लिए वजन को कंट्रोल रखना बहुत जरूरी माना जाता है। मोटापा को डायबिटीज के जोखिम कारकों में से एक माना जाता है, इससे अन्य जटिलताओं का भी खतरा हो सकता है।
संतुलित आहार का सेवन जरूरी
डायबिटीज रोगियों को खान-पान पर विशेष ध्यान देते रहने की सलाह दी जाती है। इसके लिए मीठी और अधिक कार्ब्स वाले चीजों से परहेज करना अच्छा विकल्प हो सकता है। डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजों का सेवन किया जाना चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियां, प्रोटीन, विटामिन्स वाले फल, साबुत अनाज आदि के सेवन की आदत इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या को कंट्रोल करने में आपके लिए सहायक हो सकती है।
नियमित व्यायाम से डायबिटीज में लाभ
डायबिटीज रोगियों के लिए नियमित व्यायाम बहुत आवश्यक है। रोजाना कम से कम 30-40 मिनट तक व्यायाम करना चाहिए। वॉक करना, तैराकी या साइकिलिंग जैसे सामान्य अभ्यास भी आपके लिए सहायक हो सकते हैं। व्यायाम, वजन कम करने और कैलोरी बर्न करने में मदद करते हैं। नियमित व्यायाम करने वालों में तेजी से ब्लड शुगर लेवन बढ़ने का खतरा भी अन्य लोगों की तुलना में कम होता है।
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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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