मोटापा और बढ़ता वजन मौजूदा समय की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है। आंकड़ों के मुताबिक हर 8 में से एक व्यक्ति मोटापा की समस्या का शिकार देखा जा रहा है। ये समस्या सिर्फ वयस्कों तक सीमित नहीं है, बड़ी संख्या में बच्चे भी मोटापे का शिकार देखे जा रहे हैं। कम उम्र में ही बढ़ा हुआ वजन, क्रॉनिक बीमारियों के खतरे को बढ़ाने वाला हो सकता है।
Obesity Risk: मोटापा कहीं आपको कैंसर का न बना दे शिकार? अभी जान लीजिए इसके गंभीर खतरे
अक्सर लोग सोचते हैं कि मोटापा सिर्फ शरीर का आकार बिगाड़ता है, लेकिन सच इससे कहीं ज्यादा गंभीर है। शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी हार्मोन, इम्यून सिस्टम और मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित करती है। इससे कैंसर का भी खतरा हो सकता है।
मोटापा का बढ़ता जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जब शरीर में सामान्य से अधिक मात्रा में फैट जमा हो जाती है और इसका असर स्वास्थ्य पर पड़ने लगता है। आमतौर पर 30 या उससे अधिक बीएमआई को मोटापे की श्रेणी में रखा जाता है।
- मोटापा सिर्फ शरीर के लुक को ही नहीं खराब करता है, इससे कई गंभीर बीमारियों का भी जोखिम हो सकता है।
- शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी हार्मोन, इम्यून सिस्टम और मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित करती है।
- फैट टिश्यू कई ऐसे रसायन और हार्मोन बनाते हैं, जो शरीर में लगातार सूजन पैदा करते हैं। यही सूजन समय के साथ कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
- अध्ययन बताते हैं कि मोटापा के शिकार लोगों में हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज, फैटी लिवर, हाई ब्लड प्रेशर के अलावा कम से कम 13 प्रकार के कैंसर का खतरा हो सकता है।
क्या मोटापे से कैंसर का खतरा होता है?
अध्ययन बताते हैं कि मोटापा करीब 13 प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ा देता है।
- अतिरिक्त फैट शरीर में लगातार सूजनपैदा करती है, जिससे कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंच सकता है।
- मोटापे में इंसुलिन का स्तर भी बढ़ सकता है, जो कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि को बढ़ावा देते हैं।
- महिलाओं में अधिक वसा एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ा सकती है, जिससे स्तन और एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
- मोटापा को कोलोरेक्टल, किडनी, लिवर, अग्नाशय और कई अन्य कैंसर को खतरा बढ़ाने वाला भी पाया गया है।
मोटापा से डायबिटीज और हृदय रोगों का जोखिम
- डॉक्टर बताते हैं, मोटापा टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ा देता है। पेट के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ा देती है। इससे ब्लड शुगर हाई रहता है और डायबिटीज का खतरा हो सकता है।
- डायबिटीज के अलावा मोटापा हृदय और रक्त वाहिकाओं पर भी अतिरिक्त दबाव डालता है। अधिक वजन वाले लोगों में हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल का जोखिम रहता है। समय के साथ यह स्थिति हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेलियर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।
मोटापे के कारण होने वाली इन दिक्कतों को भी जानिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र से ही डाइट-लाइफस्टाइल पर ध्यान देकर वजन को कंट्रोल में रखने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
- मोटापे के कारण सिर्फ पेट या कमर पर ही नहीं, बल्कि लिवर में भी फैट जमा होने लगती है। इसे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज कहा जाता है।
- शरीर का अतिरिक्त वजन घुटनों, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी पर लगातार दबाव डालता है। इससे ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा बढ़ जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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