इंटरनेट ने लोगों के जीवन को आसान बना दिया है। कुछ मायने में यह मददगार तो साबित हो रहा है, पर जब हम इसका उपयोग बीमारियों के इलाज के लिए करने लगते हैं, तो कई बार यह मुसीबत में डाल देता है। आइए जानते हैं, वरिष्ठ नियोनेटोलॉजिस्ट डॉ. किशोर कुमार से इस बारे में विस्तार से:
आपका भी डॉक्टर इंटरनेट तो नही? इस्तेमाल करें, लेकिन सावधान रहना जरूरी
मेरे पूछने पर दंपति ने बताया कि उसने इंटरनेट पर गर्दन में गांठ की समस्या को सर्च किया था, जिसमें पता लगा कि बच्चे को ल्यूकेमिया (रक्त कैंसर) या लिम्फोमा (लिम्फ नोड कैंसर) हो सकता है। मैं आसानी से कई टेस्ट कराने को लिख सकता था, लेकिन मैंने माता-पिता को आश्वस्त किया कि अगर गले के संक्रमण का इलाज करने के बाद लिम्फ नोड में इजाफा होता है, तो मैं एफएनएसी (फाइन नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी) का सुझाव दूंगा, जो बायोप्सी का एक रूप है।
जब हम अस्वस्थ महसूस करते हैं, तो हममें से कई लोगों को इंटरनेट पर अपने रोग के लक्षणों को समझने की आदत होती है, क्योंकि हम डॉक्टर के पास जाना पसंद नहीं करते। अपने रोग के लक्षणों को इंटरनेट पर सर्च करने की इस समस्या को 'साइबरचोंड्रिया' कहा जाता है, जो एक बढ़ती समस्या बनती जा रही है। मरीज अक्सर यह जानना चाहते हैं कि उनकी समस्या पर इंटरनेट डॉक्टर का क्या कहना है? आंख मलना? पेट में अजीब सा दर्द? पैर की ऐंठन? क्या यह एक गंभीर बीमारी का लक्षण है? इस मामले में इंटरनेट डॉक्टर से पूछने के लोभ से सावधान रहें।
इंटरनेट पर अपने स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान से देखना और उसका उपाय खोजना निश्चित रूप से स्वास्थ्य में सुधार करने के बुरे तरीके हैं। यह समस्या के लक्षणों को जरूरत से ज्यादा समझकर गलत दवा लेने या गलत स्व-उपचार में उलझाने की ओर ले जाता है। आप लक्षणों को कम आंकते हैं और स्थिति को खराब होने देते हैं। यह एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें इस बात की अत्यधिक चिंता रहती है कि आप बीमार हैं। मरीजों की यह समझना चाहिए कि हर मरीज की स्थिति अलग-अलग होती है। हल्के से गंभीर बीमारी तक के लक्षणों के आधार पर इसे अलग-अलग तरीके से नियंत्रित किया जाता है। इसलिए हमेशा यह अनुशंसा की जाती है कि आप अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
सरल शब्दों से शुरू करें
इंटरनेट पर जब भी आप कुछ सर्च करें तो मूल शब्द डालकर ही खोजें। सिर दर्द और मस्तिष्क ट्यूमर जैसे नैदानिक शब्दों को जोड़ने के बजाय सिर दर्द जैसे मूल कीवर्ड का उपयोग करके खोज करना बेहतर होता है। परेशानी की स्थिति में गुगलिंग करना आपकी मनःस्थिति को पूर्वाग्रहीत कर सकता है। यह आपको बहुत सी साइटें प्रदान करेगा, जो निराधार आशंकाओं की पुष्टि कर सकती हैं या कई बार लक्षणों की गंभीरता को कम कर सकती हैं (जिससे आप डॉक्टर को दिखाने में देरी कर सकती हैं, जबकि आपको इसकी जरूरत है)।
ज्यादा लंबे वाक्य न लिखें
आम तौर पर पेट का दर्द टाइप न करके पेट दर्द टाइप करें और विश्वसनीय चिकित्सा साइटों पर सर्च करें। यहां कई ऐसी चिकित्सा साइटें हैं, जो अधिक उपयोगी जानकारी प्रदान करेंगी।