स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मौजूदा समय में तेजी से बढ़ती अधिकतर क्रोनिक बीमारियों के लिए आहार में गड़बड़ी को प्रमुख कारण पाया गया है। जो चीजें शरीर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रही हैं, उनमें नमक और चीनी का ज्यादा सेवन प्रमुख है। जो लोग अधिक मात्रा में नमक-सोडियम का सेवन करते हैं, उनमें हार्ट की बीमारियों-हार्ट अटैक होने का खतरा अधिक हो सकता है। पर क्या आप जानते हैं कि सिर्फ नमक ही नहीं, अधिक मात्रा में चीनी का सेवन भी हार्ट की समस्याओं को बढ़ाने वाला हो सकता है?
Study: सिर्फ नमक ही नहीं, अधिक मात्रा में चीनी भी हृदय के लिए हानिकारक, ये स्ट्रोक का भी बढ़ा देती है खतरा
अधिक मात्रा में चीनी हो सकती है हानिकारक
बीएमसी मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित शोध में कहा गया है कि आहार में अधिक मात्रा में शर्करा (चीनी या फिर ऐसी चीजें जिसमें सफेद प्रोसेस्ड चीनी मिलाई जाती है) इसके अधिक सेवन से हृदय रोगों और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। सिर्फ नमक ही नहीं, चीनी का भी अधिक सेवन करना आपमें हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ाने वाली हो सकती है। किसी भी रूप में चीनी के अधिक सेवन से बचना जरूरी है।
अध्ययन में क्या पता चला?
यूनाइटेड किंगडम में 37 से 73 वर्ष की आयु के 1.10 लाख से अधिक लोगों की खाने की आदतों पर आधारित आंकड़ों का अध्ययन किया गया, जिसके स्वास्थ्य परिणामों को लगभग नौ वर्षों तक ट्रैक किया गया था। शोध के परिणामों से पता चला कि चीनी का अधिक सेवन किसी व्यक्ति में हृदय रोगों का जोखिम 6% और स्ट्रोक के खतरे को 10% तक बढ़ाने वाली हो सकती है।
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ता और अध्ययन के लेखक कोडी वाटलिंग कहते हैं, प्रतिभागियों द्वारा खाई जाने वाली चीनी का सबसे आम रूप प्रोसेस्ड चीना और मिष्ठान्न था। कुछ लोगों ने कुकीज, शर्करायुक्त पेस्ट्री के माध्यम से भी शर्करा का सेवन किया था। फलों और सब्जियों में प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली शर्करा को हानिकारक नहीं माना जाता है और उसे इस विश्लेषण से बाहर रखा गया था।
हृदय रोग या स्ट्रोक का खतरा
शोधकर्ता वाटलिंग ने कहा कि जिन लोगों में हृदय रोग या स्ट्रोक का खतरा सबसे अधिक पाया गया, उन्होंने प्रतिदिन लगभग 95 ग्राम चीनी का सेवन किया था। तुलनात्मक रूप से, अमेरिकी दिशानिर्देश सुझाव देते हैं कि ऐडेड शुगर की मात्रा दैनिक कैलोरी के 10% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पोषण विभाग के प्रोफेसर वाल्टर विलेट कहते हैं, चीनी-मीठे पेय पदार्थों से परहेज करना शायद सबसे महत्वपूर्ण चीज है जो हम कर सकते हैं। ये डायबिटीज और हार्ट दोनों के खतरे को कम करने में मददगार हो सकती है।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शर्करा वाली चीजों के सेवन के कारण शरीर में वसा का अधिक संचय होने लगता है, जो रक्त के प्रवाह को बाधित करने वाली समस्या हो सकती है इससे हृदय रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। बहुत अधिक चीनी का सेवन करने से रक्तचाप बढ़ने का भी जोखिम रहता है जो हार्ट की समस्याओं के प्रमुख कारकों में से एक है।
शरीर के लिए शर्करा युक्त खाद्य-पेय पदार्थ के नुकसान देखे गए हैं, जिस सफेद चीनी का हम सेवन करते हैं वह सबसे हानिकारक हो सकती है। इसकी जगह पर गुड़ जैसे वैकल्पिक चीजों का सेवन करना लाभकारी हो सकता है।
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स्रोत और संदर्भ
Associations between types and sources of dietary carbohydrates and cardiovascular disease risk
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