लाइफस्टाइल में गड़बड़ी को अध्ययनों में कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के कारक के तौर पर बताया गया है। यह मोटापे जैसी स्वास्थ्य समस्या का कारण बनती है जिसे वैज्ञानिकों ने हेल्थ-एमरजेंसी के रूप में वर्गीकृत किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोटापा सिर्फ एक कॉस्मेटिक समस्या नहीं है बल्कि इसे व्यापक चिकित्सा और स्वास्थ्य समस्या के तौर पर देखने की आवश्यकता है।
जानना जरूरी: इस लाइफस्टाइल विकार को वैज्ञानिकों ने बताया 'हेल्थ-इमरजेंसी', इससे हार्ट-अटैक और कैंसर तक का खतरा
विशेषज्ञों ने किया अलर्ट
हार्वर्ड टीएच चेन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की रिपोर्ट में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने वैश्विक स्तर पर बढ़ते मोटापे के जोखिमों को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। यह समस्या सभी उम्र के लोगों के लिए चिंताकारक है, जिसपर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। शरीर के वजन का 5 से 10 प्रतिशत तक भी कम करके भी कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।
अतिरिक्त वजन, विशेष रूप से मोटापा, प्रजनन और श्वसन विकारों से लेकर स्मृति और मनोदशा तक के लिए समस्याकारक स्थिति है। मोटापा के कारण मधुमेह, हृदय रोग और कुछ प्रकार के कैंसर जैसे घातक रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है।
मोटापे के कारण हृदय रोगों की समस्या
शरीर का वजन बढ़ना सीधे तौर पर विभिन्न हृदय संबंधी स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ाने वाला माना जाता है। बीएमआई बढ़ने के साथ ब्लड प्रेशर, लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एलडीएल या बैड) कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स, ब्लड शुगर और इंफ्लामेशन भी बढ़ने लगती है। ये स्थितियां कोरोनरी हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और इनके कारण होने वाले मौत के खतरे को बढ़ा देती हैं। मोटापा ग्रस्त लोगों में हार्ट अटैक का खतरा कई गुना अधिक देखा गया है।
डायबिटीज और इसकी जटिलताएं
शोधकर्ताओं ने पाया कि मोटापे की स्थिति प्रीडायबिटीज और टाइप-2 डायबिटीज दोनों के विकास के जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती है। अतिरिक्त बॉडी फैट, विशेष रूप से पेट के आसपास की फैट सूजन की समस्या को बढ़ाने वाली मानी जाती है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज हो सकता है।
कैंसर का भी बन सकता है कारण
वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड और अमेरिकन इंस्टीट्यूट फॉर कैंसर रिसर्च के शोधकर्ताओं ने पाया कि मोटापाग्रस्त लोगों में कई प्रकार के कैंसर का खतरा अधिक हो सकता है। इसे अग्न्याशय और कोलन कैंसर के बढ़ते जोखिमों में से एक पाया गया है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि पेट के आसपास बढ़ी चर्बी की स्थिति कैंसर की गंभीर जटिलताओं को बढ़ाने वाली हो सकती है, जिसपर सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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