फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Coronavirus: 41 फीसदी लोगों में ऐसे फैला कोरोना वायरस, डॉक्टरों को भी खतरा, नई स्टडी में खुलासा

Fri, 27 Mar 2020 09:49 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Fri, 27 Mar 2020 09:49 AM IST
विज्ञापन
How Coronavirus spread in half of the patients what says research study about covid 19 need to know
कोरोना वायरस का संक्रमण - फोटो : PTI

चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस दुनियाभर में फैलता जा रहा है। दुनियाभर में अबतक पांच लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं, जबकि 24 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना के खिलाफ इस जंग में कई देशों के वैज्ञानिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगे हुए हैं। इसकी दवा और वैक्सीन तैयार करने को लेकर रिसर्च जारी है, कई शोधों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। इस बीच चीन में इस महामारी को लेकर हुई एक नई रिसर्च स्टडी में इसका संक्रमण फैलने के बारे में नया खुलासा हुआ है। चिकित्सकीय भाषा में इसे नोसोकोमियल ट्रांसमिशन कहा जाता है। आइए जानते हैं क्या है नोसोकोमियल ट्रांसमिशन और इसमें वायरस कैसे नए लोगों को अपनी चपेट में लेता है: 




How Coronavirus spread in half of the patients what says research study about covid 19 need to know

चीन में कोरोना वायरस के शुरुआती 138 मरीजों पर यह रिसर्च स्टडी हुई है, जो जामा के मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुई है। इसमें बताया गया है कि कोरोना वायरस के शुरुआती 138 मरीजों में से 41 फीसदी मरीज वुहान के एक अस्पताल में ही इस वायरस से संक्रमित हुए। मेडिकली इसे नोसोकोमियल ट्रांसमिशन कहा जाता है, जिसका मतलब है कि इस महामारी ने लोगों को अस्पताल में ही संक्रमित किया। 

How Coronavirus spread in half of the patients what says research study about covid 19 need to know
Corona in India - फोटो : PTI

इस स्टडी के आधार पर विशेषज्ञों का कहना है कि इनमें लगभग आधा संक्रमण अस्पताल से ही लोगों के बीच फैला। कोरोना संक्रमण के पर्सन टू पर्सन यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है, लेकिन सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना सिर्फ लोगों से ही लोगों में नहीं फैलता, बल्कि ब्रॉन्कोस्कोपी जैसी मेडिकल प्रक्रिया में भी इसके फैलने का खतरा रहता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
How Coronavirus spread in half of the patients what says research study about covid 19 need to know

विशेषज्ञ बताते हैं कि ब्रॉन्कोस्कोपी में डॉक्टर मरीज के फेफड़े में एक ट्यूब घुसाते हैं, जिस ट्यूब से भी इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। अस्पताल में हेल्थकेयर में लगे कर्मियों और लोगों को यह वायरस अपनी चपेट में ले रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस के इस हद तक संक्रमित होने की वजह से डॉक्टरों और हेल्थकेयर में लगे अन्य कर्मियों में इसके फैलने की संभावना बढ़ जाती है। कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों की देखभाल करने वालों को बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। 

विज्ञापन
How Coronavirus spread in half of the patients what says research study about covid 19 need to know

डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी ऐसे करें बचाव
सोर्स कंट्रोल

  • मरीजों को दूसरे लोगों से मिलने नहीं दिया जाए। 
  • अस्पतालों में विजिटर सेवा बंद की जाए। 
  • सभी लोगों को मास्क पहनना जरूरी हो।
  • बीमार स्वास्थ्यकर्मी कोई भी काम न करें। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed