दिवाली के त्योहार पर भले ही सरकार द्वारा पटाखे जलाने पर अनुमति न दी गई हो लेकिन फिर भी इस दिवाली पटाखों का इस्तेमाल किया गया है। पटाखों से होने वाले प्रदूषण का असर हम सभी को झेलना पड़ रहा है। लेकिन ऐसे कई घरेलू तरीके है जिन्हें अपनाकर आप प्रदूषण से होने वाले खतरे को कम कर सकते हैं।
दिवाली के बाद इन घरेलू तरीकों को अपनाकर प्रदूषण से खुद को बचाएं
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गुड़ को स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है। गुड़ में ऐसे कई एंटीबायोटिक तत्व पाए जाते हैं , जिससे हमारे शरीर की गंदगी बाहर निकल जाती है। इसके अतिरिक्त गुड़ का सेवन करने से खून, फेफड़े, खाने की नली, सांस की नली में मौजूद गंदगी शरीर से बाहर निकल जाती है। अगर आप प्रदूषित वातावरण से बचना चाहते हैं तो नियमित रूप से गुड़ खाना शुरू कर दें।
तुलसी में कई औषधीय गुण पाए जाते है, इसलिए तुलसी के पत्ते का सेवन करना आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। आप रोजाना 10-15 एमएल तुलसी का जूस पिएंगे तो इससे आपके सांस की नली में मौजूद प्रदूषण के कणों को साफ करने में मदद करता है। इसके अलावा आप 5-6 तुलसी के पत्तों को उबाल लें और उसमें थोड़ा सा अदरक घिसकर गुड़ डालकर अच्छे से उबाल लें। फिर इस पानी को छान कर पी लें। तुलसी के इस मिश्रण को पीने से आपके शरीर में मौजूद विषैले तत्व खत्म होने लगेंगे।
नीम भी औषधीय गुणों का खजाना है। आप नीम के पत्ते को उबालकर पी सकते हैं , इससे आपके शरीर में मौजूद दूषित कण खत्म हो जाएंगे। इसके अलावा आप नीम के पत्तों को उबालकर इसके पानी से नहाएंगे तो आपकी त्वचा पर जमें विषैले पर्दाथ हट जाएंगे। अगर आप हफ्ते में दो से तीन बार नीम की पत्तियों का सेवन करेंगे तो इससे आपका रक्त शुद्ध हो जाता है और इसके सेवन से आपके शरीर पर प्रदूषण का असर नहीं पड़ेगा।
आपको अपनी डाइट में विटामिन सी से भरपूर पर्दाथों का सेवन करना चाहिए। संतरा , नींबू विटामिन सी के अच्छे से स्त्रोत है। इन फलों में पाया जाने वाले तत्व हमारे प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं और कई रोगों से भी लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। अगर आप विटामिन सी से युक्त पर्दाथों का सेवन करेंगे तो प्रदूषण का असर आपके शरीर पर नहीं पड़ेगा।