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सावधान: हेल्दी डाइट के चक्कर में ज्यादा फाइबर तो नहीं ले रहे आप? जानिए क्या हो सकते हैं इसके नुकसान

Sun, 27 Sep 2026 07:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 27 Sep 2026 07:24 PM IST
सार

Diet Tips: फाइबर पाचन और पेट की सेहत के लिए जरूरी है, लेकिन इसे अचानक बहुत ज्यादा बढ़ाने से गैस, पेट फूलना और ऐंठन हो सकती है। पानी कम पीने से कब्ज भी बढ़ सकती है। इसलिए फाइबर धीरे-धीरे बढ़ाएं, पर्याप्त तरल लें ।

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Hidden Side Effects of a High-Fiber Diet why Eating Too Much Fiber is bad
फाइबर ओवरडोज - फोटो : Amarujala.com/AI

शरीर को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखना है तो इसका सबसे आसान फॉर्मूला है अपनी डाइट में सुधार करना। आहार में पौष्टिक चीजों को शामिल करने से शरीर के लिए जरूरी अधिकतर पोषक तत्वों की आसानी से पूर्ति हो सकती है। अध्ययनों से पता चलता है कि अगर हमारा पाचन ठीक तो शरीर को स्वस्थ रखना आसान हो जाता है और पाचन को ठीक रखने के लिए फाइबर वाली चीजों का सेवन सबसे जरूरी माना जाता है।



फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें फाइबर से भरपूर होती है। इससे पाचन को बेहतर रखने, पेट साफ करने और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराने में मदद मिलती है। लेकिन हेल्दी चीजें भी जरूरत से बहुत ज्यादा लेने पर परेशानी पैदा कर सकती है। फाइबर के साथ भी ऐसा ही है। 

अगर आप हेल्दी डाइट और फाइबर के चक्कर में चिया सीड्स, साबुत अनाज या फाइबर सप्लीमेंट्स का सेवन अधिक कर रहे हैं तो ये कई बार फायदे की जगह नुकसान दे सकती है। आइए जानते हैं कि फाइबर ओवरडोज किस तरह से नुकसानदायक हो सकता है?

Hidden Side Effects of a High-Fiber Diet why Eating Too Much Fiber is bad
ज्यादा फाइबर भी नुकसानदायक - फोटो : Freepik.com

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वयस्कों के लिए प्रतिदिन 25-40 ग्राम फाइबर को पर्याप्त माना जाता है। हालांकि अगर आप डाइट में फाइबर की मात्रा बहुत अधिक बढ़ा देते हैं तो शरीर को फाइबर की बढ़ी मात्रा के साथ तालमेल बैठाने में समय लग सकता है। फाइबर वाली चीजें बढ़ाने पर पाचन पर अधिक दबाव बढ़ने लगता है जिससे गैस, पेट फूलना और ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है। 

इसके अलावा फाइबर लेने के साथ अगर आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं तो इससे भी कब्ज बढ़ सकता है। इसलिए सिर्फ ज्यादा फाइबर लेना जरूर नहीं है, बल्कि अपनी जरूरत के मुताबिक धीरे-धीरे फाइबर बढ़ाना आपको अधिक लाभ देता है। 


गैस और पेट फूलने की समस्या
 

  • फाइबर शरीर में पूरी तरह पचता नहीं है। बड़ी आंत में मौजूद बैक्टीरिया कुछ प्रकार के फाइबर को तोड़ते हैं। अचानक फाइबर की मात्रा बढ़ाने पर गैस, पेट फूलना और ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए डाइट में फाइबर की मात्रा को धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए।
Hidden Side Effects of a High-Fiber Diet why Eating Too Much Fiber is bad
खूब पानी पीते रहना जरूरी - फोटो : Adobe Stock

फाइबर के साथ पानी पीते रहना जरूरी

अगर आप डाइट में फाइबर वाली चीजें अधिक ले रहे हैं तो इसके साथ पर्याप्त मात्रा में तरल लेना भी जरूरी है। हाई फाइबर डाइट के साथ अगर आप पानी कम पीते हैं तो मल में भारीपन और कब्ज की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए सिर्फ सलाद, फल या सीड्स बढ़ाने से काम नहीं चलेगा, पाचन को ठीक रखने और फाइबर से अधिकतम लाभ पाने के लिए पूरे दिन पर्याप्त पानी और दूसरे तरल पदार्थों का सेवन भी जरूरी है।

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खानपान को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Freepik.com

इन बातों का भी रखें ध्यान
 

  • फाइबर सेहत के लिए बहुत जरूरी है पर लंबे समय तय बहुत अधिक मात्रा में फाइबर लेने से शरीर में आयरन, जिंक, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे कुछ खनिजों के अवशोषण में दिक्कत हो सकती है। 
  • वयस्कों के लिए फाइबर की जरूरत उम्र और लिंग के अनुसार अलग हो सकती है। 
  • 19 से 50 वर्ष की उम्र में पुरुषों के लिए करीब 38 ग्राम और महिलाओं के लिए करीब 25 ग्राम प्रतिदिन फाइबर को पर्याप्त माना जाता है। 
  • फाइबर बढ़ाते समय इसे एकदम से बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे बढ़ाएं। अगर लगातार पेट फूलना, तेज पेट दर्द, कब्ज, दस्त या वजन कम होना जैसी समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह लें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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