Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
पोटैशियम एक खनिज है, जो शरीर के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। यह नसों और मांसपेशियों के काम में मदद करता है, यानी इसका मुख्य काम पोषक तत्वों को कोशिकाओं तक पहुंचाने का होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि हर व्यक्ति को रोजाना कम से कम 100 मिलीग्राम पोटैशियम लेने की जरूरत होती है, लेकिन अधिकतर लोग डाइट के जरिये पोटैशियम की पर्याप्त मात्रा नहीं ले पाते हैं। दरअसल, इसका मुख्य कारण ये है कि लोगों को पता ही नहीं होता कि कौन-कौन से खाद्य पदार्थों के सेवन से पोटैशियम की पर्याप्त मात्रा ली जा सकती है। अधिकांश लोगों को यही लगता है कि सिर्फ केले में ही भरपूर मात्रा में पोटैशियम पाया जाता है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। इसके अलावा भी कई फल ऐसे हैं, जिनमें पोटैशियम की अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। आइए जानते हैं पोटैशियम के स्रोत और इसे लेने से शरीर को होने वाले फायदों के बारे में...
सलाह: स्ट्रोक और हाई बीपी के खतरे को कम करता है पोटैशियम, इन चीजों का जरूर करें सेवन
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इन फलों में पाया जाता है पोटैशियम
- केला
- एवोकाडो
- संतरा
- अंगूर
- अनार
- खजूर
पोटैशियम के अन्य स्रोत
- बादाम
- मूंगफली
- हरी पत्तेदार सब्जियां
- जड़ वाली सब्जियां
- गाजर
- आलू
- शकरकंद
- टमाटर
- दूध, दही
पोटैशियम के फायदे
- पोटैशियम स्ट्रोक और हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) के खतरे को कम करता है
- हड्डियों में खनिज के घनत्व को बरकरार रखता है
- किडनी में पथरी होने की संभावनाओं को कम करता है
- मांसपेशियों के विकार को कम करता है
- याद करने की क्षमता और याददाश्त को मजबूत करता है
- तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है
- दिल को स्वस्थ रखता है
अधिक मात्रा में पोटैशियम लेने के नुकसान
- किसी भी चीज की अधिकता नुकसानदायक ही होती है। पोटैशियम शरीर के लिए जितना लाभदायक होता है, उतनी ही इसकी अधिक मात्रा शरीर के लिए नुकसानदायक भी होती है। अधिक मात्रा में पोटैशियम लेने से स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। इसकी अधिकता किडनी को कमजोर और डैमेज कर सकती है। इसलिए किसी भी चीज का सेवन उचित मात्रा में ही करें।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
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