Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
आंखें हमारे शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक हैं। वो कहते हैं ना कि आंख नहीं तो हाथ-पैर बंद, यह बात बिल्कुल सही है। अगर आंखें नहीं रहेंगी तो आप कुछ देख ही नहीं पाएंगे और ऐसे में हाथ-पैरों का भी क्या काम रह जाएगा। जब आपको कुछ दिखाई ही नहीं देगा तो जाहिर है आप बिना किसी दूसरे व्यक्ति के सहारे के कहीं आ-जा भी नहीं पाएंगे। इसलिए आंखों की देखभाल भी बेहद ही जरूरी है। एक स्वस्थ जीवनशैली में आंखों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। जैसे हमारे शरीर के स्वास्थ्य के लिए खानपान का सही होना जरूरी है, वैसे ही आंखों का स्वास्थ्य भी हम किस तरह का आहार लेते हैं, इसपर निर्भर करता है। अगर आप पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेंगे, तो उससे आंखें स्वस्थ रहेंगी और आंखों की रोशनी में भी वृद्धि होगी। आइए जानते हैं कि आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए किन चीजों का सेवन करना चाहिए?
सलाह: आंखों की रोशनी बढ़ाने में कारगर हैं ये सब्जियां, रोजाना जरूर करें सेवन
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ब्रोकली
- आंखों की सेहत के लिए ब्रोकली को बहुत ही अच्छा आहार माना जाता है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन-ए होता है। दरअसल, विटामिन-ए आंखों की रोशनी बढ़ाने में कारगर होता है। आप इसे उबाल कर या फिर सलाद के रूप में भी खा सकते हैं।
पालक
- पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण पालक को सुपरफूड भी कहा जाता है। इसमें विटामिन-ए, बीटा कैरोटीन, ल्यूटिन और जेक्सैंटीन जैसे कैरोटीनॉयड्स पाए जाते हैं, जो आंखों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं और मोतियाबिंद जैसी आंखों की बीमारियों से बचाव भी करते हैं।
गाजर
- यह भी आंखों के लिए एक स्वास्थ्यवर्धक आहार है। इसमें भी बीटा कैरोटीन मौजूद होता है, जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मददगार होता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि गाजर के अलावा संतरे और नींबू भी बीटा कैरोटीन के अच्छे स्रोत हैं, जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करते हैं।
शकरकंद
- शकरकंद में भी गाजर की तरह ही बीटा कैरोटीन पाया जाता है। इसके अलावा इसमें विटामिन-सी और फाइबर भी मौजूद होता है, जो आंखों को डैमेज होने से बचाता है और साथ ही आंखों की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत भी करता है। इसलिए आंखों के स्वास्थ्य के लिए आप इसे अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।