सेहत को ठीक रखने के लिए खान-पान को ठीक रखना बहुत जरूरी माना जाता है। हम क्या खाते हैं और किस तरह से खाते हैं इसका सेहत पर सीधा असर होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खाने वाले तेल को लेकर भी सावधानी बहुत जरूरी है। कई अध्ययन बताते हैं कि महीने के कुल तेल में 10% तक की कटौती करना सेहत को ठीक रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा हमेशा खाने के लिए ऐसे तेल का चयन करें जो हार्ट हेल्थ से लेकर मेटाबॉलिज्म सहित संपूर्ण स्वास्थ्य को लाभ दे सके।
हेल्थ टिप्स: ऑलिव ऑयल महंगा है तो इन तेलों को बनाएं अपनी डाइट का हिस्सा, हार्ट के लिए ये भी फायदेमंद
हेल्दी रहने के लिए केवल ऑलिव ऑयल ही जरूरी नहीं है। सरसों, मूंगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन और राइस ब्रान ऑयल भी संतुलित डाइट के अच्छे विकल्प हो सकते हैं। असंतृप्त फैट वाले तेलों को सीमित मात्रा में इस्तेमाल करें। तेल को बार-बार गर्म करने से बचें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सरसों, मूंगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन और राइस ब्रान जैसे तेल भी आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकते हैं।असल में तेल की सेहत से जुड़ी गुणवत्ता इस बात पर निर्भर करती है कि उसमें किस तरह के फैट मौजूद हैं और आप कितनी मात्रा में उसका इस्तेमाल करते हैं?
सरसों का तेल
सरसों का तेल भारतीय खानपान में लंबे समय से इस्तेमाल होता रहा है। इसमें मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं। हालांकि, इसकी फैटी एसिड संरचना ब्रांड और किस्म के अनुसार बदल सकती है। संतृप्त फैट की जगह असंतृप्त फैट वाली चीजों को रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार पाया गया है। सरसों के तेल में मुख्य रूप से अनसैचुरेटेड फैट होता है जो सेहत को लाभ दे सकता है।
मूंगफली और सूरजमुखी का तेल
मूंगफली के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड फैट की अच्छी मात्रा हो सकती है। इसमें मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड और ओलिक एसिड भरपूर मात्रा में होते हैं, जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने और गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बनाए रखने में मदद करते हैं। इससे हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा कम हो सकता है।
- इसी तरह सूरजमुखी के तेल में लिनोलिक एसिड नाम का ओमेगा-6 फैटी एसिड हो सकता है। जो हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है।
हेल्दी तेल चुनते समय किन बातों का रखें ध्यान?
तेल का चुनाव सिर्फ कीमत या विज्ञापन देखकर न करें। उसकी गुणवत्ता और इस्तेमाल करने का तरीका भी मायने रखता है।
- घी-मक्खन और रिफाइंड तेलों की अधिक मात्रा की जगह असंतृप्त फैट वाले विकल्प चुनना दिल के लिए फायदेमंद हो सकता है।
- तेलों में कैलोरी अधिक होती है। स्वस्थ तेल भी ज्यादा मात्रा में लेने से कैलोरी इंटेक बढ़ सकता है।
- बार-बार गर्म किए गए तेल में हानिकारक यौगिक बन सकते हैं। तलने के तेल को दोबारा इस्तेमाल करने से बचें।
- तेल बदल-बदलकर इस्तेमाल करें। अलग-अलग तेलों का सीमित मात्रा में इस्तेमाल को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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