डायबिटीज एक गंभीर समस्या है जिसमें ब्लड शुगर असामान्य रूप से हाई रहता है। बढ़ा हुआ ब्लड शुगर लेवल समय के साथ हार्ट, किडनी और लिवर सहित कई दूसरे अंगों को क्षति पहुंचा सकता है। यही कारण है स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी मरीजों को खानपान और रोजमर्रा की आदतों पर खास ध्यान देना पड़ता है।
सेहत की बात: क्या रोज ग्रीन-टी पीने से कंट्रोल होता है ब्लड शुगर? डायबिटीज के मरीज हैं तो जान लीजिए
ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन और दूसरे पॉलीफेनॉल ब्लड शुगर नियंत्रण में संभावित रूप से फायदेमंद हो सकते हैं। ग्रीन टी एक हेल्दी विकल्प है। हालांकि डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए दवाएं बंद न करें और ब्लड शुगर की नियमित जांच कराते रहें।
ग्रीन-टी से ब्लड शुगर होता है कंट्रोल?
ग्रीन-टी कैमेलिया साइनेंसिस पौधे की पत्तियों से बनती है। कम प्रोसेसिंग के कारण इसमें प्राकृतिक पॉलीफेनॉल मौजूद रहते हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि ग्रीन-टी में कई ऐसे तत्व होते हैं जिससे शरीर को कई तरह से लाभ हो सकते हैं।
- इसमें मौजूद कैटेचिन एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करने में भूमिका निभाता है।
- कुछ शोध में ग्रीन टी के घटकों का इंसुलिन संवेदनशीलता पर लाभ देखा गया है।
अध्ययनों में क्या पता चला?
कुछ अध्ययनों के अनुसार, जो लोग प्रतिदिन दो से तीन कप ग्रीन टी पीते हैं, उनमें टाइप-2 डायबिटीज विकसित होने का जोखिम 19% तक कम हो सकता है। इस पेय पदार्थ के नियमित सेवन से उपवास के दौरान रक्त शर्करा का स्तर कम होता है जिससे डायबिटीज के कारण होने वाली अन्य समस्याओं जैसे आंखों की दिक्कत, हार्ट की समस्या और तंत्रिकाओं की दिक्कतों से बचा जा सकता है।
- डायबिटीज कंट्रोल करने में वजन को नियंत्रित रखने की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ग्रीन-टी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वेट लॉस करने में भी आपके लिए सहायक है।
इन फायदों को भी जानिए
डायबिटीज के मरीजों में हृदय रोगों का खतरा भी अधिक होता है। अध्ययनों में पाया गया कि ग्रीन-टी का सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने और रक्तचाप को संतुलित करने में भी मदद करता है। शोध बताते हैं कि यह बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को कम करके गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में भी मददगार पेय है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है।
एक अध्ययन के अनुसार, ग्रीन-टी पीने से हृदय रोग के जोखिम को 31% तक कम किया जा सकता है। हालांकि, ग्रीन-टी से हृदय स्वास्थ्य को होने वाले फायदों को जानने के लिए अभी और नैदानिक परीक्षणों की आवश्यकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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