खिली हुई महकती पत्तियों वाला हरा धनिया। कभी सब्जी वाले से फ्री में लेने की जुगत तो कभी घर के गमले में लगे कुछ डंठलों की चाहत। कहने को हरा धनिया सिर्फ सब्जी, सलाद या नाश्ते पर गार्निशिंग करने के लिए या बहुत हुआ तो हरी चटनी बनाने के लिए खरीदा जाता हो, लेकिन असल में इन खुशबूदार पत्तियों की उपयोगिता इससे कहीं ज्यादा है। हरे धनिये की ये पत्तियां कई सारे पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। और केवल पत्तियां ही नहीं धनिये के डंठल में भी कई सारे गुण समाए होते हैं। इसलिए भारतीय भोजन में सालों से इसका उपयोग किया जा रहा है। जानिए कितने गुण हैं धनिये के...
- हरे धनिये का काम भोजन का फ्लेवर बढ़ाना तो होता ही है, इसके साथ ही यह भोजन को पौष्टिक बनाने में भी मदद करता है। कई देशों में इस हरी पत्ती वाले पौधे को सिलान्त्रो के नाम से भी पहचाना जाता है।
- हरी पत्तियों के अलावा धनिये के सूखे बीजों को साबुत या पावडर रूप में भी भोजन पकाने के मसाले के तौर पर प्रयोग में लाया जाता है।
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- टाइप-2 डायबिटीज के रोगियों के लिए धनिया कई रूपों में फायदेमंद हो सकता है। धनिया बीज, सत्व और तेल के रूप में ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मददगार हो सकता है। सही तरीके से इनका सेवन चमत्कार की तरह काम करता है। बल्कि कई विशेषज्ञ तो उन लोगों को धनिये का प्रयोग सम्भलकर करने की हिदायत भी देते हैं जिनकी ब्लड शुगर लो रहती है।
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- शरीर मे बनने वाले फ्री रेडिकल्स कई तरह की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। धनिये में ऐसे कई एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाव करते हैं।
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- ये एंटी-ऑक्सीडेंट शरीर मे होने वाली इन्फ्लेमेशन (सूजन) से भी बचाव करते हैं। साथ ही फेफड़ों, प्रोस्टेट, कोलोन तथा ब्रेस्ट कैंसर जैसे कई प्रकार के कैंसर की ग्रोथ को भी धीमा करते हैं।
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- धनिये में मौजूद पोषक तत्व इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं।
- हाई ब्लड प्रेशर और एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करके हरा धनिया कई तरह के हृदय रोगों से भी बचाव करता है। धनिये का सत्व एक डाइयूरेटिक की तरह भी काम करता है। अर्थात शरीर से अतिरिक्त सोडियम और पानी को बाहर निकाल देता है। इससे भी ब्लडप्रेशर का स्तर कम होता है।