तमाम अध्ययनों से पता चलता है कि शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करना बहुत आवश्यक होता है। विशेषकर सुबह के नाश्ते की पौष्टिकता पर सबसे अधिक जोर दिया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रात के करीब 8-10 घंटे खाली पेट के बाद शरीर को ऊर्जा के लिए स्वस्थ आहार की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि स्प्राउट्स का सेवन करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। स्प्राउट्स में कई प्रकार के अनाज को अंकुरित करके उनका सेवन किया जाता है। सेहत के लिए यह कई प्रकार से फायदेमंद माने जाते हैं।
आज का हेल्थ टिप्स: स्प्राउट्स खाना सेहत के लिए है विशेष लाभदायक, कई प्रकार के पोषक तत्वों से होता है भरपूर
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पाचन में होता है आसान
पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक अनाज को अंकुरित करने से उनमें फाइबर की मात्रा बढ़ जाती है। यह पाचन को ठीक रखने के साथ मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाने में सहायक माना जाता है। कब्ज को रोकने में भी इसे मददगार माना जाता है। पाचन तंत्र को स्वास्थ रखने के लिए स्प्राउट्स में फाइबर युक्त चीजों को जरूर शामिल करें।
वजन कम करने में सहायक
स्प्राउट्स में फाइबर की मात्रा अधिक जबकि कैलोरी कम होती है। स्प्राउट्स खाने से आपका पेट भरा हुआ महसूस होगा जिससे अधिक खाने की इच्छा नहीं होती है, वजन कम करने में यह तरीका काफी कारगर हो सकता है। इसके अलावा स्प्राउट्स में मौजूद अनाज कई प्रकार के पोषक गुणों से भरपूर होते हैं जो आसानी से वजन कम करने में सहायक माने जाते हैं।
प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए फायदेमंद
स्प्राउट्स से पर्याप्त मात्रा में विटामिन-ए और सी प्राप्त कर सकते हैं जिसे प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने में आवश्यक माना जाता हैं। स्प्राउट्स में विटामिन-ए की मात्रा दस गुना तक बढ़ जाती है। विटामिन-ए की उच्च मात्र शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाती है, जिससे आपको संक्रमण, सामान्य सर्दी, फ्लू जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है।
आयरन की कमी के कारण एनीमिया हो सकता है। इससे निपटने के लिए आप अपने आहार में स्प्राउट्स को शामिल कर सकते हैं। स्प्राउट्स में आयरन के साथ कई अन्य पोषक तत्वों की पूर्ति करने की क्षमता होती है। यही कारण है कि सेहत के लिए इसका सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।