दुनिया के कई देशों में कोरोना का जारी संक्रमण स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है। नए वैरिएंट्स के कारण बढ़ते स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर विशेषज्ञों ने अलर्ट किया है। इस बीच हालिया रिपोर्ट के मुताबिक कोलकता में स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम ने एक और संक्रामक रोग के बढ़ते मामले के बारे में लोगों को सचेत किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां कई लोगों में हैंड, फूट, माउथ डिजीज (एचएफएमडी) के मामले रिपोर्ट किए गए हैं। यह काफी तेजी से फैलने वाला संक्रामक रोग है जो सबसे ज्यादा पांच साल से कम उम्र के बच्चों को अपना शिकार बनाता है।
HFMD: कोलकता में तेजी से बढ़े इस वायरल संक्रमण के मामले, पांच साल से कम उम्र के बच्चे सबसे ज्यादा शिकार
संक्रमण में हो सकती हैं कई प्रकार की समस्याएं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम बताती है, मानसून के शुरुआती दिनों में इस संक्रामक रोग के मामले देखे जाते रहे हैं, हालांकि इस मौसम में इसके बढ़ते केस स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं। डॉक्टर कहते हैं, इस वायरल संक्रमण की स्थिति में हथेलियों, तलवों और शरीर के अन्य हिस्सों पर चकत्ते पड़ जाते हैं। इसके अलावा कुछ लोगों को मुंह में छाले होने और लिंफ नोड्स में सूजन की भी समस्या हो सकती है।
वैसे तो हल्के संक्रमण के मामले आमतौर पर 10 दिनों के भीतर अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन अधिक गंभीर मामलों में डॉक्टरी सलाह के साथ अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है।
हैंड, माउथ, फूट डिजीज का बच्चों में खतरा
मेडिकल रिपोर्टस के मुताबिक हैंड, माउथ, फूट डिजीज तेजी से बढ़ने वाला वायरल संक्रमण है, यह बच्चों में काफी सामान्य है। ये बीमारी आमतौर पर कॉक्ससैकीवायरस के कारण होती है। फिलहाल इस वायरस के कारण होने वाले संक्रमण के लिए कोई विशिष्ट उपचार नहीं है। बार-बार हाथ धोने और संक्रमित व्यक्ति के साथ निकट संपर्क से बचने करके इस रोग के जोखिम को कम किया जा सकता है।
समय पर इसके लक्षणों की पहचान करना और रोग से बचाव के लिए प्रयास करते रहना आवश्यक हो जाता है।
संक्रमण के कारण हो सकती हैं स्वास्थ्य जटिलताएं
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हैंड, माउथ, फूट डिजीज के कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य जटिलताओं का खतरा हो सकता है। इस बीमारी के कारण मुंह और गले में घाव होने लगते हैं, जिससे निगलने में दर्द हो सकता है और बच्चों में डिहाइड्रेशन होने का भी जोखिम बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, रोग की जटिलताओं को कम करने के लिए जरूरी है कि रोगियों को थोड़ी-थोड़ी देर पर तरल पदार्थ पीते रहना चाहिए। यदि बच्चे बहुत अधिक निर्जलित हो जाते हैं, तो उन्हें अस्पताल में आईवी के माध्यम से तरल पदार्थ देने की जरूरत हो सकती है। यह स्थिति स्वास्थ्य जोखिमों को और बढ़ाने वाली हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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