मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ती हुई रिपोर्ट की जा रही है, विशेषकर कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से इससे संबंधित रोगियों के मामले काफी ज्यादा बढ़े हैं। मेडिकल साइंस कहता है, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक हैं, ऐसे में एक में होने वाली समस्या की असर दूसरे की सेहत को नकारात्मक तौर से प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि सभी लोगों को नियमित रूप से अपनी सेहत को बेहतर बनाए रखने वाले उपाय करने की सलाह दी जाती रही है, इसमें मानसिक सेहत का ख्याल रखना भी शामिल है।
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अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन
यदि आप भी कॉफी के बहुत ज्यादा शौकीन लोगों में से एक हैं तो यहां थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। बहुत ज्यादा कॉफी पीना आपके तनाव को दूर नहीं बल्कि बढ़ा सकता है। तनाव महसूस करने की स्थिति में शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। अध्ययनों में पाया गया है कि कैफीन, कोर्टिसोल के रिलीज को ट्रिगर करता है। इसका मतलब है कि यदि आप कैफीन वाली चीजों का अधिक सेवन करते हैं तो इसकी मात्रा को कम कर दें।
धूम्रपान की आदत हानिकारक
धूम्रपान को सेहत के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक माना जाता है, यह चिंता-तनाव विकारों को भी बढ़ा देता है। धूम्रपान से रिलीज होने वाली निकोटीन आपके मस्तिष्क में रसायनों के असंतुलन को बढ़ा देती है जिससे हृदय गति और रक्तचाप बढ़ने का खतरा हो सकता है। यह आपको चिड़चिड़ा और चिंतित महसूस करवा सकती है। अध्ययनों से पता चलता है कि जो लोग धूम्रपान नहीं करते हैं उनमें तनाव, चिंता और अवसाद का स्तर कम होता है।
सोशल मीडिया पर कम समय बिताएं
सोशल मीडिया से हमेशा चिपके रहने वाले लोगों में भी मानसिक स्वास्थ्य की बढ़ती समस्याओं का जोखिम अधिक पाया गया है। सोशल मीडिया पर लगातार समय बिताते रहने की आदत हमें तनावग्रस्त महसूस करवा सकती है। सोशल मीडिया पर बार-बार दिखने वाले कंटेंट के आधार पर हमारा मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। सभी लोगों, विशेषकर बच्चों को इस तरह की आदतों से बचाना चाहिए।
नींद की कमी के नुकसान
नींद की कमी मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की सेहत को गंभीर क्षति पहुंचा सकती है। अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों की रोजाना रात में कम से कम 7-9 घंटे की नींद पूरी नहीं होती है उनमें अन्य लोगों की तुलना में तनाव-चिंता विकार बढ़ने का खतरा अधिक हो सकता है। नींद की कमी रक्तचाप बढ़ाने के साथ आपकी शारीरिक सेहत को भी कई प्रकार से प्रभावित कर सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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