भारतीय आहार में घी का विशेष महत्व है। सदियों से घी को ऊर्जा के बेहतरीन स्रोत और सेहत के लिए तमाम फायदों से युक्त आहार रूप में प्रयोग में लाया जाता रहा है। घी को पवित्र माना जाता है, इसका उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ भारत में आहार में वर्षों से किया जाता रहा है। पर क्या घी का सेवन आधुनिक नैदानिक मापदंडों के अनुसार स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है? ऐसा सवाल इसलिए किया जा रहा है क्योंकि हाल ही में वैज्ञानिकों ने घी के कारण शरीर को होने वाले कुछ प्रकार के नुकसान के बारे में बताया है।
सावधान: ऐसे लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है घी का सेवन, अध्ययन में शोधकर्ताओं ने चेताया
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आयुर्वेदिक ग्रंथों में घी को पारंपरिक रूप से खाद्य वसा का स्रोत माना गया है। आयुर्वेद के अनुसार घी, आयु को बढ़ाने के साथ शरीर को विभिन्न रोगों से बचाने में कारगर है। यह पाचन (अग्नि) को बढ़ाता है भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने में भी सहायक है। इसके अलावा आयुर्वेद में घी को ओजस शक्ति में वृद्धि करने के साथ याददाश्त में सुधार करने और मस्तिष्क की तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। घी का सेवन वात और पित्त को शांत करने में भी काफी प्रभावी माना जाता है।
यूएस लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन में घी के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के बारे में बताया गया है। प्रोफेसर हरि शर्मा, शियाओइंग झांग और चंद्रधर द्विवेदी द्वारा प्रकाशित इस अध्ययन में घी के सेहत पर होने वाले प्रभावों के बारे में बताया गया है। इस अध्ययन में विशेषज्ञ सीरम लिपिड स्तर और माइक्रोसोमल लिपिड पेरोक्सीडेशन पर घी के प्रभाव को जानने के लिए शोध कर रहे थे।
घी से होने वाले नुकसान
विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले कुछ दशकों में एशियाई लोगों में कोरोनरी धमनी रोग (सीएडी) के मामले काफी अधिक देखे जा रहे हैं। इसके पीछे घी के सेवन को एक कारण के तौर पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों ने बताया कि घी का सेवन शरीर में सेचुरेटेड फैटी एसिड और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ा देता है। इसके अलावा गर्म घी से कोलेस्ट्रॉल ऑक्सीकरण उत्पादों का भी स्राव होता है जोकि सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
चूहों पर किया गया अध्ययन
हृदय स्वास्थ्य पर घी के प्रभावों को समझने के लिए विशेषज्ञों ने चूहों पर अध्ययन किया। इसमें चूहों को घी युक्त खाद्य पदार्थ दिए। अध्ययन के लिए दो प्रकार के चूहों को शामिल किया गया था, चूहों का एक सेट पूरी तरह से स्वस्थ जबकि दूसरे सेट के चूहे आनुवंशिक रूप से कुछ बीमारियों के शिकार थे। अध्ययन के निष्कर्ष में वैज्ञानिकों ने पाया कि स्वस्थ सेट वाले चूहों में घी के सेवन से हानिकारक कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग के अन्य मार्करों में ज्यादा वृद्धि नहीं हुई। वहीं दूसरे सेट में, जो बीमारियों से ग्रस्त था, घी युक्त आहार खाने से उनके रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर में बढ़ोतरी देखने को मिली।