पिछले कुछ हफ्तों से देश में जिस रफ्तार से कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा रिकॉर्ड किया जा रहा है, इसके आंकड़े काफी डराने वाले हैं। दैनिक आंकड़ों में तेजी से उछाल दर्ज किया जा रहा है, जिसके आधार पर कुछ रिपोर्ट्स इसे चौथी लहर के संकेत के तौर पर भी दिखा रहे हैं। पिछले 24 घंटे (27 अप्रैल) को देश में 3300 से अधिक नए मामले दर्ज किए गए, इसके साथ सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 17000 से ऊपर पहुंच गई है। रिपोर्ट्स यह भी बताते हैं कि इस बार कोरोना के ज्यादा शिकार बच्चे और कम आयु वर्ग के लोग हो रहे है, जो चिंता और बढ़ाने वाली बात है।
डराते कोरोना के केस: देश में तेजी से बढ़ता संक्रमण, क्या चौथी लहर का संकेत? कितनी गंभीर हो सकती हैं इसकी चुनौतियां?
ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स बढ़ा रहे हैं मुश्किल
भारत में पिछले दिनों सामने आए कोरोना के ज्यादातर संक्रमितों में ओमिक्रॉन वैरिएंट और इसके सब-वैरिएंट्स की पहचान की गई है। इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) के निदेशक डॉ एसके सरीन कहते हैं, दिल्ली में पिछले दिनों जिस तरह से संक्रमण के मामलों में उछाल देखा गया है ऐसे में आशंका है कि यहां ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट्स के भी केस हो सकते हैं। दुनियाभर में जिस तरह से ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट्स के कारण संक्रामकता दर और तेजी से बढ़ते मामले दर्ज किए जा रहे हैं, वह निश्चित ही भारत के संदर्भ में भी चिंता बढ़ाने वाले हैं।
विशेष सावधानी की आवश्यकता
डॉ सरीन कहते हैं, वैश्विक स्तर पर जो रिपोर्ट सामने आ रही है उसको लेकर भारत में भी सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। इस समय सभी लोगों को विशेष सावधानी और सतर्कता बरतनी चाहिए, विशेषकर मास्क पहनना बहुत आवश्यक है। अध्ययनों में इस बात की पुष्टि होती है कि अगर आप मास्क पहनकर रखते हैं तो कोरोना के प्रसार को रोकने और संक्रमण से बचाव करने में मदद मिल सकती है।
चौथी लहर की आशंका
जिस तेजी से देश में पिछले कुछ समय से कोरोना के मामलों में उछाल देखने को मिला है, इसने लोगों के मन में चौथी लहर को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस संबंध में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल कहते हैं, कोरोना के बढ़ते केस के आधार पर इतना जल्दी निष्कर्ष निकलना कि यह देश में चौथी लहर का संकेत है, सही नहीं है। फिलहाल कोविड की चौथी लहर की आशंका नहीं है, हालांकि इसके लिए सभी लोगों को व्यक्तिगत तौर पर सावधानी और सतर्कता बरतते रहने की बहुत आवश्यकता है। अगर कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का सही से पालन किया जाता है तो चौथी लहर को लेकर डरने की जरूरत नहीं है।
बच्चों में खतरे को लेकर विशेषज्ञों ने किया सावधान
कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट को बच्चों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। कम आयु के लोगों में ओमिक्रॉन से संक्रमण के खतरे को जानने के लिए शोध कर रही वैज्ञानिकों की टीम ने बताया कि कोरोना का यह वैरिएंट बच्चों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ावा दे सकता है। एक अमेरिकी अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि ओमिक्रॉन संक्रमित कुछ बच्चों में ऊपरी वायुमार्ग में गंभीर संक्रमण देखने को मिला है, यह हृदय गति रुकने का खतरा बढ़ा सकती है। बच्चों में संक्रमण के बचाव को लेकर माता-पिता को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। चूंकि छोटे बच्चों का टीकाकरण भी अभी नहीं हो पाया है ऐसे में इनमें गंभीर संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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