पिछले कुछ महीनों में दुनिया के कई देशों में एवियन फ्लू (बर्ड फ्लू) का खतरा बढ़ता हुआ रिपोर्ट किया गया है। हालिया रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि गायों और दूध के माध्यम से भी इंसानों में एवियन फ्लू के मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं।
H5N1: कोरोना से भी खतरनाक वायरस को लेकर देश के चार राज्यों में अलर्ट, गायों से इंसानों में संक्रमण का खतरा
भारत में चार राज्यों में अलर्ट जारी
अमेरिका के साथ-साथ अब भारत में भी एच5एन1 वायरस के मामले बढ़ने को लेकर अलर्ट किया गया है। केंद्र सरकार ने एवियन इन्फ्लूएंजा को लेकर एक एडवाइजरी जारी करते हुए चार राज्यों को विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी है। प्रभावित राज्य आंध्र प्रदेश (नेल्लोर जिला), महाराष्ट्र (नागपुर जिला), झारखंड (रांची जिला) और केरल (अलपुझा, कोट्टायम और पथानामथिट्टा जिले) हैं।
केंद्र सरकार ने कहा है कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) पक्षियों या मुर्गियों में किसी भी असामान्य मृत्यु पर नजर रखें। इसके साथ ही सभी लोगों को इनके निकट संपर्क में आने से बचना जरूरी है।
वायरस के संक्रमण का खतरा
सीडीसी ने एक रिपोर्ट में कहा, फिलहाल एच5एन1 वायरस के एक से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण के मामले नहीं देखे गए हैं। हालांकि इसके लक्षण और संक्रमण के जोखिमों को लेकर सभी लोगों को निरंतर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। इस वायरस से संक्रमण की स्थिति में हल्के से लेकर गंभीर लक्षण हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बर्ड फ्लू के अधिकतर लक्षण इंफ्लूएंजा की तरह ही दिखते हैं। इसकी समय रहते पहचान जरूरी है।
बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) के लक्षणों को जानिए
बर्ड फ्लू की स्थिति में ज्यादातर लक्षण सामान्य फ्लू जैसे ही देखे जाते हैं। इसमें बुखार, थकान, खांसी, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, मतली और उल्टी, दस्त, नाक बहने और सांस फूलने की समस्या हो सकती है। कुछ लोगों में बर्ड फ्लू के कारण कंजंक्टिवाइटिस का खतरा भी देखा जाता रहा है। इन लक्षणों पर समय रहते ध्यान देना और उपचार प्राप्त करना जरूरी माना जाता है।
एवियन फ्लू का जोखिम और बचाव के तरीके
एच5एन1 से संक्रमित जानवर के शरीर के तरल पदार्थ, जैसे थूक (लार), छींकने-खांसने से निकलने वाले ड्रॉपलेट या मल के संपर्क में आने से इंसानों में ये संक्रमण हो सकता है। मुख्यरूप से मुर्गियों-पक्षियों के माध्मय से इसका खतरा अधिक होता है। हालांकि अमेरिका में गायों और कच्चे दूध के कारण भी संक्रमण का खतरा देखा गया है जिसको लेकर सभी लोगों को सावधान किया गया है।
बर्ड फ्लू के एक व्यक्ति से दूसरे में फैलने का खतरा कम होता है। पक्षियों, जंगली जानवरों और पशुओं के निकट संपर्क में आने से बचने के उपाय, हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखने और मास्क के माध्यम से इसके खतरे को कम किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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