दुनियाभर में पिछले एक दशक में कैंसर रोगियों की संख्या में बड़ा उछाल देखने को मिला है। कैंसर उन घातक रोगों में से एक है जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है।आधुनिक युग में कैंसर के उपचार को लेकर लगातार शोध हो रहे हैं, हालांकि अब भी यह सबसे अधिक जानलेवा बीमारियों की सूची में शीर्ष स्थानों में से एक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हमारे आहार में शामिल कई चीजों में एंटी कैंसर गुण मौजूद होते हैं, जिनका सेवन करना कैंसर के खतरे को कम कर सकता है।
आज का हेल्थ टिप्स: 'कैंसर रक्षक' माने जाते हैं ये तीन फल, आहार में शामिल करके पा सकते हैं लाभ
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ब्लू बेरी है एंटीकैंसर गुणों से भरपूर
एआईसीआर के अनुसार, ब्लूबेरी में कई फाइटोकेमिकल्स और पोषक तत्व होते हैं जिन्हें प्रयोगशाला अध्ययनों में कैंसर के जोखिमों को कम करने वाला पाया गया है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि ब्लूबेरी खाने से रक्त में एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि बढ़ती है साथ ही डीएनए क्षति को रोकने में भी इससे मदद मिल सकती है। ब्लूबेरी का सेवन करके आप कई तरह के कैंसर को खतरे को कम कर सकते हैं।
अनार खाना कई तरह से लाभदायक
आमतौर पर अनार के सेवन को शरीर में खून बढ़ाने वाला माना जाता रहा है, हालांकि इसमें कैंसर रोधी गुण भी पाया जाता है। क्लीवलैंड क्लीनिक में आहार विशेषज्ञ जूलिया ज़म्पानो कहती हैं, अनार में ऐसे एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो प्रदूषण और सिगरेट के धुएं जैसे पर्यावरणीय विषाक्त पदार्थों से कोशिकाओं की रक्षा करने में मदद करते हैं। ये डीएनए क्षति को रोकने और उनकी मरम्मत करने में भी कारगर माना जाता है जिससे कैंसर हो सकता है। हार्वर्ड की रिपोर्ट में बताया गया है कि अनार का रस हानिकारक एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर और रक्तचाप को कम करने में भी मदद कर सकता है।
अंगूर का कर सकते हैं सेवन
एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि अंगूर और पोमेलो साइट्रस फलों के गूदे में बायोएक्टिव कंपाउंड बर्गमोटिन पाया जाता है जो कैंसर को खतरे को कम करने में सहायक हो सकता है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मॉलिक्यूलर साइंसेज में प्रकाशित एक समीक्षा में वैज्ञानिकों ने बताया कि अंगूर में शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेटिव, एंटी-इंफ्लेमेटरी और कैंसर-रोधी गुणों के बारे में पता चलता है जो स्तन कैंसर, मल्टीपल मायलोमा, प्रोस्टेट कैंसर, लिवर कैंसर के साथ त्वचा और फेफड़ों के खतरे को कम करने में सहायक हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।